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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 01 Jan 2026, 12:59 pm
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक बेहद शर्मनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले 56 वर्षीय शिक्षक को नन्हीं छात्राओं के साथ बैड टच और अश्लील हरकतों के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी शिक्षक पर आरोप है कि वह क्लास 4 और 5 में पढ़ने वाली बच्चियों को होमवर्क देने के बहाने अपने पास बुलाता था और उनके साथ गंदी हरकत करता था। बच्चियों ने बताया कि वह मोबाइल फोन में उन्हें अश्लील फोटो और वीडियो दिखाता था। मना करने पर वह मारपीट करता और धमकी देता था कि अगर किसी को बताया तो और बुरा अंजाम होगा। यह मामला बेलघाट थाना क्षेत्र के एक गांव स्थित सरकारी स्कूल का है, जहां कुल 45 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं।
होमवर्क के नाम पर बुलाकर करता था गंदी हरकत
पीड़ित छात्राओं ने पुलिस को बताया कि आरोपी शिक्षक पिछले कई दिनों से उन्हें लगातार परेशान कर रहा था। कक्षा में वह उन्हें देखकर गंदी मुस्कान देता और अश्लील इशारे करता था। जब भी मौका मिलता, वह बच्चियों को बारी-बारी से होमवर्क देने के बहाने अकेले में अपने पास बुला लेता। इसके बाद वह मोबाइल फोन में न्यूड फोटो और अश्लील वीडियो दिखाता और बैड टच करता था। बच्चियों का आरोप है कि वह गलत तरीके से कपड़ों में हाथ डालता था। जब वे इसका विरोध करतीं, तो वह डांटता, मारता-पीटता और चुप रहने की धमकी देता था। रोज-रोज की इस प्रताड़ना से बच्चियां बुरी तरह डर गई थीं। आखिरकार उन्होंने हिम्मत जुटाकर अपने माता-पिता को पूरी घटना बताई।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई तत्काल कार्रवाई
बच्चियों से पूरी जानकारी मिलने के बाद परिजन आरोपी शिक्षक से सवाल करने पहुंचे, लेकिन उसने सभी आरोपों से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी। आरोप है कि स्थानीय थाने पर पुलिस ने शुरुआत में केवल औपचारिकता निभाई। आरोपी शिक्षक को हिरासत में लिया गया, लेकिन बिना मुकदमा दर्ज किए उसे छोड़ दिया गया। इससे छात्राओं और उनके परिवारों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया। परिजनों का कहना है कि आरोपी की रिहाई के बाद बच्चियों पर मानसिक दबाव बढ़ गया और वे अंदर से टूटने लगीं। किसी भी स्तर के अधिकारी ने इस संवेदनशील मामले पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया, जिससे नाराजगी और बढ़ती चली गई।
उच्चाधिकारियों के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर
परिजनों के अनुसार, 26 दिसंबर को शिकायत देने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई। जब मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा, तब एक सप्ताह बाद पुलिस हरकत में आई। उच्चाधिकारियों के आदेश पर आनन-फानन में एफआईआर दर्ज की गई और 31 दिसंबर को आरोपी शिक्षक नवल किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी साउथ दिनेश कुमार ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। गुरुवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच गंभीरता से की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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