Curated By:
shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 07 Apr 2026, 04:53 pm
उत्तर प्रदेश में बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ‘सिटी-रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन (C-RTC)’ योजना लागू की जा रही है। इसके तहत प्रदेश के 20 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 172 चिन्हित मार्गों पर ट्रैफिक को सुचारू बनाने की व्यवस्था की जाएगी। योजना का मुख्य उद्देश्य पीक आवर्स में यात्रा का समय कम करना और यातायात को निर्बाध बनाए रखना है।
‘एक रूट, एक मार्शल’ के तहत होगी निगरानी
इस योजना के तहत हर चिन्हित मार्ग पर एक ‘रूट मार्शल’ नियुक्त किया जाएगा, जो उस मार्ग पर ट्रैफिक व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी संभालेगा। ये मार्शल यातायात निरीक्षक या उप निरीक्षक स्तर के अनुभवी अधिकारी होंगे। उनका मुख्य लक्ष्य पीक टाइम में ट्रैवल टाइम को कम करना और जाम की स्थिति को नियंत्रित करना होगा। संबंधित थाना प्रभारी भी इस कार्य में सहयोग करेंगे।
AI तकनीक से होगा ट्रैफिक मॉनिटरिंग
योजना में अत्याधुनिक AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक की स्थिति का रियल टाइम डेटा मिलेगा। इसमें न्यूनतम, अधिकतम और औसत यात्रा समय का विश्लेषण किया जाएगा। अधिकारी अपने मोबाइल से ही किसी भी समय ट्रैफिक की स्थिति देख सकेंगे और तुरंत निर्णय ले सकेंगे।
5E फॉर्मूले पर काम करेगी योजना
ट्रैफिक सुधार के लिए योजना में 5E मॉडल लागू किया जाएगा, जिसमें शिक्षा और जागरूकता, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग सुधार, अतिक्रमण हटाना और ई-रिक्शा संचालन शामिल हैं। इन उपायों के जरिए ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने की कोशिश की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि एक महीने के भीतर इन मार्गों पर पीक टाइम में ट्रैफिक का दबाव कम से कम 20 प्रतिशत तक घटाया जाए। इसके बाद योजना की समीक्षा कर आगे विस्तार किया जाएगा।
यह भी पढ़ें- सीएम योगी की कैबिनेट बैठक में 22 बड़े फैसले, बस स्टेशन से मेडिकल कॉलेज तक विकास को मिली रफ्तार