लखनऊ में सिलेंडर न मिलने से चटोरी गली की चालीस दुकानें बंद, दुकानदार का छलका दर्द, बोले- हालात ऐसे ही रहे तो सड़क पर आ जाएंगे साहब

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 11 Mar 2026, 05:02 pm
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लखनऊ के गोमतीनगर स्थित 1090 चौराहा की चटोरी गली में कामर्सियल सिलेंडर की कमी के कारण करीब 40 दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों के अनुसार इससे एक लाख रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। सिलेंडर की आपूर्ति जल्द बहाल न होने पर सभी दुकानें बंद होने की आशंका

गोमतीनगर के 1090 चौराहा स्थित चटोरी गली में कामर्सियल सिलेंडर की कमी के कारण मंगलवार रात करीब 40 दुकानों को बंद रखना पड़ा। सिलेंडर की आपूर्ति न होने से दुकानदारों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। चटोरी गली एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अविनाश ने बताया कि दुकानों के बंद रहने से लगभग एक लाख रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि यहां अधिकांश दुकानदारों का कारोबार रोजाना की बिक्री पर निर्भर करता है। इसी कमाई से दुकान का खर्च, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च पूरे किए जाते हैं। ऐसे में सिलेंडर की कमी के कारण दुकानें बंद होने से व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।


सिलेंडर की कमी से व्यापारियों के सामने संकट

एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अविनाश के अनुसार ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब स्थानीय व्यापार पर भी देखने को मिल रहा है। सिलेंडर की उपलब्धता कम होने की वजह से दुकानदारों को मजबूरी में दुकानें बंद करनी पड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि गैस सिलेंडर न मिलने से खाना बनाने का काम रुक जाता है, जिससे फूड की दुकानें चलाना संभव नहीं रह जाता। इस कारण कई दुकानदारों को अचानक दुकान बंद करनी पड़ी। इससे न केवल व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि कर्मचारियों के रोजगार पर भी असर पड़ रहा है।


140 दुकानों में से करीब 40 दुकानें रहीं बंद

चटोरी गली हॉकर एसोसियशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह ने बताया कि पूरे इलाके में करीब 140 दुकानें रजिस्टर्ड हैं। मंगलवार को कामर्सियल सिलेंडर की सप्लाई न मिलने के कारण इनमें से लगभग 40 दुकानों को बंद रखना पड़ा। उन्होंने बताया कि कुछ दुकानदारों ने जुगाड़ से अपनी दुकानें थोड़ी देर के लिए चलाईं ताकि पहले से तैयार माल खराब न हो जाए। हालांकि यह व्यवस्था ज्यादा देर तक नहीं चल सकती।


समस्या जारी रही तो सभी दुकानें बंद होने की आशंका

एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अविनाश कुमार ने कहा कि यदि जल्द ही सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उनका कहना है कि यहां एक दुकान से रोजाना करीब 2000 से 3500 रुपये तक का कारोबार होता है। इस कमाई से सफाई व्यवस्था, कर्मचारियों का वेतन और अन्य जरूरी खर्च पूरे किए जाते हैं। अगर दुकानों को लंबे समय तक बंद रखना पड़ा तो सभी दुकानदार और कर्मचारी प्रभावित होंगे। व्यापारियों ने सरकार से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।


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