ईजराइल-अमेरिका और ईरान जंग में अब तक 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत, 140 से ज्यादा घायल, इजराइल में कई जगह बमबारी, 8 हजार घरों पर हमले में 13 हजार लोगों की मौत

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 11 Mar 2026, 12:07 pm
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अमेरिका–इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का 12वां दिन है। ईरान के अनुसार हमलों में 1300 से ज्यादा लोगों की मौत और 8000 घरों को नुकसान हुआ है। वहीं अमेरिका ने दावा किया है कि उसने समुद्र में माइन बिछाने वाली ईरान की 16 बोट नष्ट कर दी हैं।

मिडिल ईस्ट में चल रही अमेरिका–इजराइल और ईरान के बीच जंग अब और गंभीर होती जा रही है। इस संघर्ष का आज 12वां दिन है और दोनों पक्षों की ओर से लगातार हमले जारी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस युद्ध में अब तक करीब 140 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं, जबकि 7 सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है। दूसरी ओर ईरान का दावा है कि उसके देश में हुए हमलों में अब तक 1300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और करीब 8000 घरों को नुकसान पहुंचा है। बढ़ते हमलों के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।


ईरान का दावा—सिविलियन इलाकों को बनाया जा रहा निशाना

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी के अनुसार हमलों के दौरान बड़ी संख्या में आम लोगों के इलाकों को निशाना बनाया गया है। उनका कहना है कि अब तक लगभग 9600 सिविलियन इलाकों पर हमले हुए हैं। इनमें घरों के अलावा बाजार, अस्पताल, दवा केंद्र और स्कूल भी शामिल बताए गए हैं। ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल के कई शहरों पर मिसाइल हमले किए हैं। ईरान के मुताबिक हाइफा, यरुशलम और तेल अवीव को निशाना बनाया गया है।


अमेरिका का दावा—ईरान की 16 बोट तबाह कीं

अमेरिका ने कहा है कि उसने ईरान की 16 ऐसी बोट को नष्ट कर दिया है, जिनका इस्तेमाल समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने के लिए किया जा सकता था। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह होर्मुज स्ट्रेट के समुद्री रास्ते में माइन न लगाए। ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अभी तक ऐसा कोई पक्का सबूत नहीं मिला है कि ईरान ने वहां माइन बिछाई हैं, लेकिन अगर ऐसा किया गया तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान माइन हटा देता है तो यह तनाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम होगा।


खाड़ी देश न्यूक्लियर इमरजेंसी की तैयारी में

जंग के बढ़ते खतरे को देखते हुए खाड़ी देशों ने न्यूक्लियर इमरजेंसी से निपटने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में बहरीन की एक एजेंसी ने चंडीगढ़ की एक दवा कंपनी से संपर्क किया है। एजेंसी ने पूछा है कि क्या कंपनी न्यूक्लियर आपदा के समय काम आने वाली ‘प्रुशियन ब्लू’ कैप्सूल बड़ी मात्रा में बना सकती है। जानकारी के अनुसार कंपनी से करीब एक करोड़ कैप्सूल बनाने की क्षमता के बारे में जानकारी मांगी गई है। यह दवा शरीर में पहुंचने वाले रेडियोएक्टिव तत्वों के असर को कम करने में मदद करती है। यह तत्व शरीर में पहुंचने के बाद आंतों में बंध जाते हैं और मल के जरिए बाहर निकल जाते हैं।


अमेरिकी सांसद ने उठाए युद्ध की रणनीति पर सवाल

अमेरिका के सांसद क्रिस मर्फी ने कहा है कि ट्रम्प सरकार की इस जंग से जुड़ी रणनीति स्पष्ट नहीं दिख रही है। उनका कहना है कि यह संघर्ष लंबी और अंतहीन जंग में बदल सकता है। उन्होंने यह बात कैपिटल हिल में हुई करीब दो घंटे की सीक्रेट ब्रीफिंग के बाद कही। मर्फी के मुताबिक ब्रीफिंग से यह संकेत मिला कि इस युद्ध का मुख्य लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना नहीं है, जबकि पहले इसे बड़ा लक्ष्य बताया जा रहा था।


तेहरान और बेरूत में फिर हमले

बीती रात इजराइल ने ईरान और लेबनान में कई जगह हमले किए। ईरान की राजधानी तेहरान में मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास धमाकों की खबर सामने आई है। वहीं लेबनान की राजधानी बेरूत में भी एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट है। फिलहाल इन हमलों में हुए नुकसान और हताहतों की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।


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