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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 14 May 2026, 05:27 pm
चुनाव आयोग ने गुरुवार को देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी। इस प्रक्रिया के तहत 30 मई से 23 दिसंबर 2026 तक करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। जिन राज्यों में यह प्रक्रिया लागू होगी, उनमें हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब और मणिपुर जैसे राज्य शामिल हैं। इनमें से पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाना है, ताकि केवल पात्र मतदाताओं के नाम ही सूची में बने रहें। आयोग ने इस प्रक्रिया को आगामी चुनावों की निष्पक्षता के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है। पूरे अभियान के दौरान बूथ स्तर पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
लाखों अधिकारी और एजेंट करेंगे मतदाताओं का सत्यापन
चुनाव आयोग के अनुसार, तीसरे चरण की SIR प्रक्रिया में 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO तैनात किए जाएंगे। इनके साथ राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट यानी BLA भी सहयोग करेंगे। अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और जरूरत पड़ने पर दस्तावेजों की जांच भी की जाएगी। आयोग ने बताया कि महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मतदाता इस प्रक्रिया में शामिल होंगे, जबकि दादरा और नगर हवेली एवं दमन-दीव में मतदाताओं की संख्या सबसे कम है। आयोग का कहना है कि सत्यापन के दौरान किसी भी पात्र मतदाता को परेशान नहीं किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी। राजनीतिक दलों की भी इस प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है, क्योंकि आने वाले वर्षों में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।
पहले दो चरणों में 59 करोड़ वोटरों का हो चुका सत्यापन
चुनाव आयोग ने जानकारी दी कि SIR के पहले और दूसरे चरण में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जा चुका है। आयोग ने 24 जून 2025 को देशभर में SIR कराने का आदेश जारी किया था। पहले चरण में बिहार में सबसे पहले यह प्रक्रिया शुरू हुई थी, जबकि दूसरे चरण की शुरुआत 28 अक्टूबर 2025 से हुई थी। पहले दो चरणों में करीब 59 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया गया था। इस दौरान 6.3 लाख BLO और 9.2 लाख BLA प्रक्रिया में शामिल हुए। आयोग ने बताया कि तीसरे चरण के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर लगभग पूरे देश में SIR प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इन तीन क्षेत्रों में खराब मौसम और जनगणना के कारण फिलहाल कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। आयोग के अनुसार SIR का मकसद मतदाता सूची को अपडेट करना और फर्जी या दोहरे नाम हटाना है।
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