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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 09 Feb 2026, 12:47 pm
लखनऊ के खरगापुर इलाके में नाले की निकासी बाधित होने से जलभराव की समस्या गंभीर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला संकरा होने से गंदा पानी खाली प्लॉटों और कॉलोनियों में भर रहा है, जिससे घरों में सीलन, दीवारों में दरारें और फर्श की टाइल्स तक बैठने लगी हैं। लोग मकानों की नींव बचाने के लिए घरों के बाहर मलबा डालने को मजबूर हैं। निवासियों का आरोप है कि शिकायतें करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। वहीं, जिस जनप्रतिनिधि पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्होंने सभी आरोपों को खारिज किया है।
नाले पर निर्माण से निकासी बाधित होने का आरोप
स्थानीय निवासियों का कहना है कि भरवारा मल्हौर वार्ड में एमिटी यूनिवर्सिटी से एसटीपी की ओर जाने वाले नाले की जमीन पर निर्माण होने से नाला करीब छह फीट संकरा हो गया है। इसके कारण हजारों घरों का पानी आगे नहीं जा पा रहा और आसपास की कॉलोनियों में जलभराव हो रहा है। रीना और रंजू जैसे स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान हालात और बिगड़ जाते हैं तथा घरों के भीतर तक पानी पहुंच जाता है, जिससे बीमारी का खतरा बढ़ रहा है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम की टीमें आईं, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई, जिससे समस्या लगातार बनी हुई है।
लोगों का दावा—एक साल से बढ़ी परेशानी, विवाद भी बढ़े
स्थानीय निवासी राम विजय और विभा सिंह के अनुसार पिछले डेढ़ साल से नाले की निकासी बाधित है, जिससे प्लॉट और मकानों में लगातार पानी भरा रहता है। उनका कहना है कि पानी की निकासी को लेकर आसपास के लोगों में विवाद भी होने लगे हैं। कई परिवारों का आरोप है कि कॉलोनी को अवैध बताकर घर गिराने की धमकी भी मिलती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले नाला सीधे एसटीपी होते हुए नदी तक जाता था, जिससे पानी आसानी से निकल जाता था, लेकिन अब स्थिति बदली हुई है। उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की, मगर समाधान अब तक अधूरा है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला ने मौके पर निरीक्षण कर कहा कि लोगों की समस्या का समाधान कराया जाएगा और पानी की निकासी रोकी नहीं जानी चाहिए। वहीं मेयर सुषमा खर्कवाल ने भी कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, जिन पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि जमीन की पैमाइश कराई जाएगी और जो नियम संगत होगा, वही किया जाएगा। उनका कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं और मामले को प्रशासनिक स्तर पर सुलझाया जाएगा। फिलहाल, इलाके के लोग स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं।
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