Curated By:
Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 21 Jun 2025, 07:28 pm
प्रयागराज, 21 जून 2025: जहाँ हर दिन संविधान की गूंज और क़ानून की बहस गर्म रहती है, वहाँ आज योग की शांति और ऊर्जा का जादू चला। 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के विधि म्यूजियम हॉल में शानदार योग सत्र हुआ, जिसमें जजों, सीनियर वकीलों और कोर्ट स्टाफ ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस बार की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” को सभी ने दिल से अपनाया और योग के रंग में रंग गए।
जजों ने योग को लेकर गजब का उत्साह दिखाया। उन्होंने प्रशिक्षकों से जमकर सवाल किए, खासकर तनाव, लंबी बैठकों और दिमागी दबाव से निजात दिलाने वाले प्राणायाम के बारे में। योग गुरु ने बड़े ही सरल अंदाज़ में नाड़ी शोधन, कपालभाति, भ्रामरी और ध्यान मुद्रा के फायदे बताए, जो मानसिक संतुलन और फोकस को अगले लेवल पर ले जाते हैं। ये सत्र सिर्फ आसनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ये एक ऐसा रास्ता बना, जिसने मानसिक शांति और भावनात्मक स्थिरता की नई राह दिखाई।
प्रशिक्षकों ने हर आसन की बारीकियों, सही तरीके और सावधानियों को इतने प्यार से समझाया कि सबको यकीन हो गया, योग न उम्र देखता है, न प्रोफेशन। कोर्ट के माहौल में अनुशासन तो बनता ही है, और यहाँ भी वही दिखा। विधि अधिकारियों और कोर्ट स्टाफ ने मिलकर पूरे आयोजन को इतना स्मूथ और सौम्य बनाया कि हर कोई ऊर्जा और शांति से सराबोर हो गया।