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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 07 Mar 2026, 01:45 pm
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने अपनी समुद्री ताकत का प्रदर्शन किया है। उन्होंने नए 5000 टन के युद्धपोत से स्ट्रैटेजिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया है। इस कदम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है कि क्या ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच उत्तर कोरिया किसी भूमिका में सामने आ सकता है।
समंदर में नई ताकत का प्रदर्शन
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने हाल ही में एक नए 5000 टन के विध्वंसक पोत से स्ट्रैटेजिक क्रूज मिसाइल के परीक्षण का निरीक्षण किया। इस युद्धपोत को आधिकारिक तौर पर नौसेना में शामिल कर लिया गया है। किम ने कहा कि यह जहाज देश की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेगा और नौसेना की क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम उत्तर कोरिया की बढ़ती सैन्य क्षमताओं का संकेत माना जा रहा है। उनका मानना है कि प्योंगयांग अब जमीन और आसमान के साथ-साथ समुद्र में भी अपनी ताकत दिखाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
अमेरिका से पुराना टकराव
उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। अमेरिका कई बार उत्तर कोरिया से परमाणु और मिसाइल परीक्षण रोकने की अपील करता रहा है। इसके बावजूद उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम जारी रखे हैं। अमेरिका ने इस पर कई आर्थिक और कूटनीतिक प्रतिबंध लगाए, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इनका असर सीमित ही रहा है। चीन और रूस के साथ संबंधों के कारण उत्तर कोरिया को कुछ हद तक समर्थन मिलता रहा है।
ईरान से पुराने संबंध
ईरान और उत्तर कोरिया के बीच रक्षा सहयोग को लेकर भी लंबे समय से चर्चा होती रही है। कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दोनों देशों के बीच मिसाइल टेक्नोलॉजी को लेकर सहयोग रहा है। बताया जाता है कि 1980 और 1990 के दशक में उत्तर कोरिया ने ईरान को बैलिस्टिक मिसाइल टेक्नोलॉजी से जुड़ी मदद दी थी। कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि दोनों देशों के बीच ड्रोन और मिसाइल तकनीक पर सहयोग की खबरें भी सामने आती रही हैं।
क्या बढ़ सकता है तनाव?
मिडिल ईस्ट में ईरान से जुड़े हालात और अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि उत्तर कोरिया किसी संघर्ष में सीधे भूमिका निभाएगा या नहीं, लेकिन उसके सैन्य परीक्षणों को रणनीतिक संकेत के तौर पर जरूर देखा जा रहा है।
युद्धपोत की खासियत
- नए युद्धपोत को उत्तर कोरिया की नौसेना के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
- करीब 5000 टन क्षमता का आधुनिक युद्धपोत
- लंबी दूरी की गाइडेड मिसाइलें
- एयर डिफेंस सिस्टम
- उन्नत रडार और सेंसर
- समुद्र, हवा और जमीन से आने वाले खतरों से निपटने की क्षमता
किम जोंग-उन का कहना है कि नौसेना को और मजबूत किया जाएगा और समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। अंतरराष्ट्रीय समुदाय फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया के नए सैन्य कदमों का असर क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन पर पड़ सकता है। -आशीष शुक्ला, सह-संपादक की रिपोर्ट।
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