Curated By:
shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 07 Mar 2026, 01:00 pm
मध्य-पूर्व में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध आज आठवें दिन भी बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। शुक्रवार को भी अमेरिकी और इजराइली सेनाओं ने ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और बमों से हमला किया। वहीं दूसरी ओर ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है और उसने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग में अब तक भारी तबाही देखने को मिली है। रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका और इजराइल की सेनाएं तीन दिनों में ही 5000 से ज्यादा बम गिरा चुकी हैं। इन हमलों में ईरान में अब तक 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और दुनिया भर की नजरें इस जंग पर टिकी हुई हैं।
अमेरिका ने दी सबसे बड़े हमले की चेतावनी
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस हमले का मुख्य मकसद ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को भारी नुकसान पहुंचाना है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि अगर इन ठिकानों को नष्ट किया जाता है तो ईरान की मिसाइल क्षमता काफी हद तक कमजोर हो सकती है। इसी बीच रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि रूस जंग के दौरान ईरान को खुफिया मदद दे रहा है। बताया जा रहा है कि मॉस्को ने ईरान को मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी साझा की है। इससे जंग का दायरा और ज्यादा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
खाड़ी देशों में भी बढ़ा तनाव, दुबई एयरपोर्ट पर हमला
इस जंग का असर अब खाड़ी देशों में भी दिखाई देने लगा है। शनिवार सुबह दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हवाई हमले की खबर सामने आई, जिसके बाद वहां उतरने वाली कई एमिरेट्स एयरलाइंस की फ्लाइट्स को वापस मोड़ दिया गया। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार कुछ विमान हवा में होल्डिंग पैटर्न में चक्कर लगाते रहे, जबकि कई फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया। रिपोर्टों में टर्मिनल-3 के पास धुआं उठता भी देखा गया, जिसे मिसाइल इंटरसेप्शन के मलबे से जुड़ा बताया जा रहा है। इसके अलावा ईरान ने दावा किया है कि उसने संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत में मौजूद अमेरिकी एयरबेस को भी निशाना बनाया है। वहीं सऊदी अरब ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है।
भारत में रुका ईरान का युद्धपोत, नौसेना दे रही मदद
इसी बीच खबर यह भी है कि ईरान का युद्धपोत IRIS लावन तकनीकी खराबी के कारण भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। सरकारी सूत्रों के अनुसार जहाज में खराबी आने के बाद ईरान ने भारत से मदद मांगी थी, जिसके बाद उसे कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी गई। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। यह युद्धपोत हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में भी शामिल हुआ था। दूसरी ओर युद्ध में लगातार बढ़ती मौतों और हमलों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंता जता रहा है और हालात पर नजर बनाए हुए है।
यह भी पढ़ें- ट्रंप को मिला पुतिन का साथ, ईरान पर नई आफत! रूस-चीन ने ईरान को दी भारी टेंशन!