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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 07 Mar 2026, 11:35 am
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में इस बार उत्तर प्रदेश के युवाओं ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। छोटे शहरों और गांवों से आने वाले कई प्रतिभाशाली छात्रों ने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा में सफलता हासिल की है। खास तौर पर शामली जिले की रहने वाली आस्था जैन की सफलता की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। आस्था जैन ने पूरे देश में 9वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। आस्था के पिता कांधला कस्बे में किराने की छोटी सी दुकान चलाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद आस्था ने कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। सिर्फ 22 साल की उम्र में उन्होंने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है। खास बात यह है कि पिछले साल अपने पहले प्रयास में आस्था को 131वीं रैंक मिली थी, जबकि इस बार दूसरे प्रयास में उन्होंने सीधे टॉप 10 में जगह बना ली।
इसी तरह अमरोहा जिले की रहने वाली सुरभि यादव ने भी शानदार सफलता हासिल की है। सुरभि ने UPSC परीक्षा में 14वीं रैंक प्राप्त की है। उनके पिता राकेश कुमार यादव पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर हैं। सुरभि की सफलता से पूरे जिले में खुशी का माहौल है। वहीं बाराबंकी के अभिजीत नंदन वर्मा ने अपने पहले ही प्रयास में UPSC पास कर 294वीं रैंक हासिल की है। अभिजीत के पिता एक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य हैं। बेटे की इस सफलता से परिवार और जिले के लोगों में गर्व का माहौल है। अंबेडकरनगर जिले से भी दो युवाओं ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुरु दुबे को UPSC में 86वीं रैंक मिली है और अब उनके आईएएस बनने की संभावना है। वहीं विपिन यादव ने 316वीं रैंक हासिल की है। विपिन के पिता टांडा कोतवाली में चौकीदार के पद पर कार्यरत हैं।
इसी तरह सहारनपुर के ऋषभ जैन ने 163वीं रैंक हासिल की है। ऋषभ पहले से ही IRS अधिकारी हैं, लेकिन बेहतर रैंक के लिए उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और अब उनके IPS में जाने की संभावना जताई जा रही है। गोंडा जिले के कार्तिकेय सिंह ने UPSC में 269वीं रैंक हासिल की है, जबकि प्राची शेखर सोनी को 680वीं रैंक मिली है। कार्तिकेय ने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। राजधानी लखनऊ के रहने वाले आदर्श पांडेय ने भी UPSC में 347वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार का नाम रोशन किया है। आदर्श ने कानून की पढ़ाई के बाद UPSC की तैयारी शुरू की थी।
वहीं रायबरेली जिले के चांदेमऊ गांव के रहने वाले विमल कुमार ने 107वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता किसान हैं और मां गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत से यह सफलता हासिल की है। इसके अलावा बरेली के वनज विद्यान को UPSC में 278वीं रैंक मिली है। उन्होंने लखनऊ और दिल्ली में पढ़ाई की और अब इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की है। इन सभी युवाओं की सफलता यह दिखाती है कि उत्तर प्रदेश में अब पढ़ाई का माहौल तेजी से बदल रहा है। पहले यह धारणा थी कि केवल बड़े शहरों के छात्र ही इस परीक्षा में आगे निकलते हैं, लेकिन अब छोटे शहरों और गांवों के छात्र भी देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर रहे हैं। - आशीष शुक्ला, सह-संपादक की रिपोर्ट।
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