यूपी की राजधानी में RSS चीफ का विरोध, लखनऊ यूनिवर्सिटी में लगे भागवत गो बैक के नारे, स्टूडेंट्स को टांगकर ले गई पुलिस

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 18 Feb 2026, 01:38 pm
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लखनऊ विश्वविद्यालय में मोहन भागवत के कार्यक्रम के दौरान छात्र संगठनों के विरोध पर हंगामा हुआ। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को परिसर से हटाकर स्थिति नियंत्रित की। सुरक्षा के बीच कार्यक्रम संपन्न हुआ, जबकि छात्र संगठनों ने प्रशासन पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं।

लखनऊ विश्वविद्यालय में मोहन भागवत के बुधवार सुबह लखनऊ विश्वविद्यालय पहुंचते ही परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। कार्यक्रम के विरोध में NSUI, समाजवादी छात्र सभा और भीम आर्मी से जुड़े छात्र ‘गो बैक’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने स्थिति बिगड़ने से पहले ही मोर्चा संभाल लिया और प्रदर्शनकारियों को परिसर से हटाया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में कार्यक्रम तय समय पर शुरू हुआ और परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।


प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस में हुई खींचतान
सुबह कार्यक्रम से पहले ही विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। प्रदर्शन शुरू होते ही पुलिस ने छात्रों को रोकने की कोशिश की, जिससे विवाद बढ़ गया। कई छात्र जमीन पर बैठकर विरोध जताने लगे, जिन्हें पुलिसकर्मियों ने उठाकर वाहनों में बैठाया और बाद में उन्हें इको गार्डन ले जाया गया। छात्र संगठनों का आरोप है कि उन्हें शांतिपूर्ण विरोध भी नहीं करने दिया गया। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन विपक्षी छात्र संगठनों को कार्यक्रमों के लिए जगह नहीं देता, जबकि अन्य संगठनों को अनुमति मिल जाती है। परिसर में इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई।


दो दिवसीय दौरे पर कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे भागवत
भागवत अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान विश्वविद्यालय में संगोष्ठी के बाद इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भी एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। एक दिन पहले उन्होंने सामाजिक सद्भाव से जुड़े कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कानून और सामाजिक समरसता पर विचार रखे और कहा कि कानून का सम्मान होना चाहिए, और यदि कानून में समस्या है तो लोकतांत्रिक तरीके से उसे बदला जा सकता है। छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्पक्षता बरतने की मांग की है। वहीं पुलिस और प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जरूरी कदम उठाए गए।


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