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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 17 Feb 2026, 04:04 pm
धार्मिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के पक्षकार आशुतोष महाराज के बीच विवाद अब और गहरा गया है। आशुतोष महाराज ने जिला अदालत में एक नया परिवाद दाखिल किया है, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। अदालत ने वादी का बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और अगली सुनवाई 17 मार्च तय की गई है। इससे पहले भी इस विवाद से जुड़े कई मामलों की सुनवाई विभिन्न अदालतों में चल रही है, जिससे मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
माघ मेला यात्रा के दौरान हमले का आरोप, अदालत में दर्ज कराया परिवाद
आशुतोष महाराज की ओर से अदालत में दायर परिवाद में आरोप लगाया गया है कि माघ मेला क्षेत्र में निकाली गई श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति यात्रा के दौरान उनके काफिले को रास्ते में रोका गया और बाद में कथित रूप से हमला हुआ। वादी का कहना है कि यात्रा जब विपक्षी पक्ष के शिविर के पास पहुंची तो रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया, जिससे तनाव बढ़ गया और स्थिति धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। परिवाद में यह भी कहा गया कि इस दौरान उन्हें चोटें आईं और साथ मौजूद कुछ अन्य लोगों के साथ भी अभद्रता हुई। मामले में चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट और पुलिस को दी गई तहरीर का भी हवाला दिया गया है।
यौन शोषण व मानहानि से जुड़े अन्य मामले भी चर्चा में
इस विवाद से जुड़े अन्य मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया जारी है। आशुतोष महाराज पहले भी विशेष अदालत में गंभीर आरोपों से जुड़ा वाद दायर कर चुके हैं, जिस पर आदेश आने की प्रतीक्षा है। वहीं, जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य की ओर से भी अलग अदालत में मानहानि और डिजिटल दुष्प्रचार को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। इन मामलों के कारण धार्मिक संगठनों और प्रशासन के बीच भी तनाव की स्थिति बनी रही। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत के आगामी आदेश इस पूरे विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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