यूपी विधानसभा में उठा रोजगार का मुद्दा, मंत्री अनिल राजभर ने दिया जवाब, बोले- 8 लाख से ज्यादा नौकरियां दीं

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 16 Feb 2026, 02:39 pm
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उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र में विश्वविद्यालय स्थापना, बेरोजगारी, जल आपूर्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। मंत्रियों ने योजनाओं की जानकारी दी, जबकि विपक्ष ने रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के सत्र में सोमवार को विश्वविद्यालय स्थापना से लेकर बेरोजगारी, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों तक कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिली। विपक्ष ने विश्वविद्यालय स्थापना के प्रस्ताव को प्रवर समिति को भेजने की मांग उठाई, जबकि सरकार ने शिक्षा और रोजगार के मोर्चे पर अपनी उपलब्धियां गिनाईं। सदन के भीतर पोस्टर, नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच कार्यवाही लगातार चर्चा में रही। कई मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों से जुड़े सवालों के जवाब दिए, वहीं विपक्ष ने सरकारी दावों पर सवाल खड़े करते हुए युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।


विश्वविद्यालय स्थापना और शिक्षा विस्तार पर सरकार का पक्ष

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सदन में कहा कि सरकार हर जिले में विश्वविद्यालय स्थापित करने के संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक छह राजकीय विश्वविद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं और नए प्रस्ताव के पारित होने के बाद यह संख्या दस तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर क्षेत्र में नया विश्वविद्यालय स्थापित कर आसपास के सात महाविद्यालयों को जोड़ा जाएगा, जिससे छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। विपक्षी विधायकों, खासकर समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने मांग की कि प्रस्ताव को प्रवर समिति के पास भेजा जाए ताकि विस्तृत चर्चा के बाद निर्णय लिया जा सके। उनका कहना था कि समिति एक महीने में अपनी रिपोर्ट दे सकती है।


बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रिया और विपक्ष के आरोप

बेरोजगारी के मुद्दे पर चर्चा के दौरान श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार हर हाथ को काम देने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है और अब तक लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। विपक्षी विधायकों ने भर्ती परीक्षाओं और नियमों में बदलाव पर सवाल उठाए और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताई। PET परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी को लेकर भी सरकार को घेरा गया। विपक्ष का आरोप था कि रोजगार के अवसर सीमित हो रहे हैं, जबकि सरकार ने आंकड़ों के आधार पर अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। इस मुद्दे पर सदन में काफी देर तक तीखी नोकझोंक चलती रही।


जल, स्वास्थ्य और अन्य मुद्दों पर सरकार के जवाब

जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि कई जिलों में जलाशय और जलापूर्ति परियोजनाएं पूरी कराई गई हैं तथा अनियमितताओं पर कार्रवाई भी की गई है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि गंभीर बीमारियों के इलाज को लेकर नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं और डॉक्टरों के प्रमोशन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार ने नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। पूरे दिन चली कार्यवाही के दौरान शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से चर्चा में रहे।


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