लखनऊ में विधानसभा घेराव से पहले कांग्रेस के 200 से अधिक नेता व कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट, मनरेगा व शंकराचार्य मुद्दे पर किया था आंदोलन का एलान

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 17 Feb 2026, 12:31 pm
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लखनऊ में विधानसभा घेराव को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश में कई नेता हिरासत में लिए गए। प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं को रोका गया और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

राजधानी लखनऊ में विधानसभा घेराव के ऐलान के बाद सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कार्यालय के बाहर माहौल अचानक गरमा गया। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश में पुलिस से भिड़ गए, जिससे मौके पर धक्का-मुक्की और नारेबाजी का माहौल बन गया। स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल, आरएएफ और पीएसी की तैनाती कर दी गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।


बैरिकेडिंग पर चढ़े नेता, पुलिस ने हिरासत में लिया

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और विधायक आराधना मिश्रा समेत कई नेता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। पुलिसकर्मियों ने नेताओं को समझाकर नीचे उतारा और कई नेताओं को बसों में बैठाकर हिरासत में लिया। दूसरी ओर, प्रदेश के अलग-अलग जिलों से प्रदर्शन में शामिल होने निकल रहे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोक दिया गया। कई जगह नेताओं को घरों पर ही नजरबंद किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विधानसभा सत्र को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई है और कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।


प्रदेश के कई जिलों में कार्यकर्ताओं को रोका गया

प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कार्यकर्ताओं को कई जिलों में पुलिस ने रोक दिया। रेलवे स्टेशनों और हाईवे पर भी पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी, जिससे कई कार्यकर्ता लखनऊ पहुंच ही नहीं सके। कुछ जगहों पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बहस और हल्की झड़प की खबरें भी सामने आईं। पुलिस का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियातन कदम उठाए गए हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, पूरे प्रदेश में सतर्कता बरती जा रही है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।


मुद्दों को लेकर अड़ा विपक्ष, टकराव के आसार बरकरार

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मनरेगा और धार्मिक मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए यह प्रदर्शन किया जा रहा था। नेताओं का आरोप है कि लोकतांत्रिक विरोध को दबाने के लिए कार्यकर्ताओं को रोका जा रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा कारणों से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती। फिलहाल शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। आगे स्थिति कैसे संभलती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।


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