भारत-फ्रांस के बीच आज बड़ी डिफेन्स डील, भारत को मिलेंगे 100 से ज्यादा राफेल, मुंबई में प्रेजीडेंट व पीएम मोदी की मुलाकात

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 17 Feb 2026, 12:54 pm
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मुंबई में भारत और फ्रांस के बीच बड़ी रक्षा डील होने जा रही है, जिसके तहत भारत को 114 राफेल जेट मिलेंगे। समझौते से वायुसेना की ताकत बढ़ेगी और मेक इन इंडिया के तहत देश में भी विमानों का निर्माण होगा।

भारत और फ्रांस के बीच आज होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में रक्षा सहयोग का अब तक का सबसे बड़ा समझौता होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात के दौरान लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये की डिफेंस डील पर सहमति बनने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत भारत को 114 राफेल फाइटर जेट मिलेंगे, जिससे भारतीय वायु शक्ति को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। बैठक में रक्षा सहयोग के अलावा नई तकनीक, समुद्री सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक रणनीति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।


राफेल डील से वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा

इस डील की खास बात यह है कि मिलने वाले विमानों में एडवांस टेक्नोलॉजी वाले नए वर्जन भी शामिल होंगे, जिन्हें भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। फिलहाल भारतीय वायुसेना के पास पहले खरीदे गए राफेल जेट पहले से तैनात हैं, जिन्होंने अपनी क्षमता साबित की है। नई डील के तहत ज्यादातर विमान अपग्रेडेड सिस्टम, बेहतर हथियार क्षमता और आधुनिक सेंसर तकनीक से लैस होंगे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की हवाई सुरक्षा और स्ट्राइक क्षमता दोनों मजबूत होंगी और क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन में भी भारत की स्थिति और सशक्त होगी।


भारत में ही बनेंगे अधिकांश राफेल विमान

डील का एक अहम पहलू ‘मेक इन इंडिया’ से जुड़ा है। समझौते के अनुसार, 114 में से 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे, जबकि कुछ जेट सीधे फ्रांस से तैयार हालत में मिलेंगे। इन विमानों के निर्माण में बड़ी मात्रा में स्वदेशी पार्ट्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे भारत के रक्षा उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। फ्रांस की कंपनी दसॉ एविएशन भारतीय साझेदारों के साथ मिलकर उत्पादन करेगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारत रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा।


इनोवेशन और टेक्नोलॉजी सहयोग भी रहेगा फोकस

इस मुलाकात के दौरान दोनों देश 2026 को इनोवेशन ईयर के रूप में मनाने की संयुक्त पहल को भी आगे बढ़ाएंगे। फ्रांस और भारत के बीच स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष तकनीक और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। दोनों नेता उद्योगपतियों, स्टार्टअप संस्थापकों और रिसर्च एक्सपर्ट्स से भी संवाद करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा के साथ-साथ तकनीकी सहयोग भी दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देगा और आने वाले वर्षों में निवेश तथा तकनीकी साझेदारी को मजबूती मिलेगी।

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