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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 25 Mar 2026, 10:53 am
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग अब 26वें दिन में पहुंच गई है और हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। मंगलवार रात ईरान ने कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन अटैक किया, जिससे वहां मौजूद फ्यूल टैंक में आग लग गई। इसके बाद कुवैत की सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। सेना ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं और सरकार के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। इसी बीच इराक के उग्रवादी संगठन ने भी अमेरिका से जुड़े कई ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है, जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
लगातार हमलों से बढ़ रहा खतरा और मानव नुकसान
इस जंग का असर अब साफ तौर पर आम लोगों पर दिखने लगा है। अब तक करीब 1500 लोगों की मौत हो चुकी है और 18 हजार से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। मरने वालों में छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं, जिससे हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। एक स्कूल पर हुए हमले में 168 बच्चों की मौत ने दुनिया को झकझोर दिया। वहीं, हेल्थ वर्कर्स भी इस जंग से अछूते नहीं रहे, जिनमें कई घायल हुए और कुछ की जान भी गई। यह आंकड़े बताते हैं कि जंग अब सिर्फ देशों के बीच नहीं, बल्कि इंसानियत पर भी भारी पड़ रही है।
एक्सपर्ट की चेतावनी: जंग और फैल सकती है
अमेरिका के डिफेंस एक्सपर्ट रॉबर्ट पेप का मानना है कि यह जंग धीरे-धीरे और खतरनाक रूप ले सकती है। उनके मुताबिक, छोटे-छोटे हमलों से शुरू हुआ यह संघर्ष अब ‘एस्केलेशन ट्रैप’ में बदलता जा रहा है, जहां हर हमला अगले बड़े हमले की वजह बनता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं संभले तो होर्मुज स्ट्रेट प्रभावित हो सकता है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है। ऐसा होने पर तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा। उनका यह भी कहना है कि अगर अमेरिका ने अपने सैनिक पीछे नहीं हटाए, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
दुनिया भर में असर, कई देशों ने उठाए बड़े कदम
इस जंग का असर अब सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहा। फिलीपींस ने ऊर्जा संकट के खतरे को देखते हुए देश में एनर्जी इमरजेंसी लागू कर दी है। सरकार ने लोगों से बिजली और ईंधन बचाने की अपील की है और जरूरतमंदों को आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। वहीं, अमेरिकी संसद में जंग रोकने का प्रस्ताव एक बार फिर गिर गया, जिससे साफ है कि राजनीतिक स्तर पर भी मतभेद बने हुए हैं। दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका के बातचीत वाले दावे को खारिज कर दिया है, जबकि ट्रम्प का कहना है कि बातचीत जारी है। ऐसे में साफ है कि हालात अभी और जटिल हो सकते हैं।
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