Curated By:
Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 12 Dec 2025, 01:23 pm
साइबर अपराधों के लिए मिनी जामताड़ा के रूप में बदनाम हो चुके देवसेरस और उसके आसपास के गांवों में गुरुवार तड़के पुलिस ने बड़े स्तर पर ऑपरेशन क्रैकडाउन चलाया। सुबह होते ही भारी पुलिस बल ने क्षेत्र में प्रवेश किया तो आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों में हड़कंप मच गया। इस अभियान में चार एसपी, चार सीओ, 26 इंस्पेक्टर और 300 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने भाग लिया। गांवों की चारों ओर घेराबंदी कर सघन तलाशी ली गई और 42 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में सिम कार्ड, मोबाइल फोन, आधार कार्ड और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया।
देवसेरस गांव बीते कई वर्षों से साइबर ठगी, फर्जी कॉल और ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले गैंगों का अड्डा बन चुका है। पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि यहां से संचालित कॉल सेंटर ठगी और ऑनलाइन स्कैम के जरिए देशभर के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर गुरुवार सुबह करीब चार बजे पुलिस ने देवसेरस, दौलतपुर, मुड़सेरस और नगला अकातिया की ओर जाने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया। भारी पुलिस बल को अचानक गांवों में देखकर संदिग्ध लोग घबराकर भागने लगे, लेकिन आसपास पहले से तैनात पुलिस टीमों ने उन्हें मौके से निकलने का कोई मौका नहीं दिया। हिरासत में लिए गए 42 लोगों में आठ ऐसे लोग शामिल हैं जो पहले भी आपराधिक गतिविधियों में पकड़े जा चुके हैं।
छापेमारी के दौरान मिले मोबाइल फोन, आधार कार्ड और अन्य सामग्री की जांच साइबर सेल और स्थानीय पुलिस मिलकर कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामान से साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क, उनके सरगनाओं और ऑपरेशन की शैली के बारे में अहम जानकारी मिलने की संभावना है। पुलिस इन संदिग्धों से पूछताछ कर यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये गैंग किसी बड़े गिरोह से जुड़े हैं और उनकी कमाई का चैनल किस तरह संचालित होता है।
किसी वीआईपी के साथ ठगी के बाद एक्शन
इस कार्रवाई के पीछे एक और बड़ी वजह चर्चाओं में है। माना जा रहा है कि हाल ही में किसी वीआईपी के साथ करोड़ों रुपए की साइबर ठगी हुई है। अनुमान है कि यह ठगी 25 करोड़ रुपए से भी अधिक की हो सकती है। इसी कारण कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखते हुए बड़े पैमाने पर छापेमारी की गई और इतनी संख्या में संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पुलिस इस मामले से जुड़ी किसी भी संवेदनशील जानकारी को फिलहाल साझा नहीं कर रही है।
फ्रॉड से जुड़ा सामान बरामद, जांच जारी
एसपी ग्रामीण मथुरा सुरेशचंद्र रावत के अनुसार, तलाशी के दौरान बरामद मोबाइल फोन, आधार कार्ड और अन्य सामग्री की जांच जारी है। संदिग्धों से अलग-अलग पुलिस टीमें पूछताछ कर रही हैं। कुछ नाबालिगों को भी संरक्षण में लेकर उनके बारे में आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार तक स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।
पूरी प्लानिंग से पुलिस ने मारी रेड
साइबर अपराध के इस हॉट स्पॉट इलाके में पुलिस ने योजनाबद्ध और रणनीतिक तरीके से ऑपरेशन को अंजाम दिया। क्रैकडाउन के तहत पुलिस टीमों को अल्फा और बीटा ग्रुपों में बांटा गया था। चार वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। विशेष रणनीति के तहत थाना गोवर्धन पुलिस को इस ऑपरेशन से अलग रखा गया, ताकि किसी भी तरह की सूचना लीक न हो सके।