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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 09 Mar 2026, 04:05 pm
बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर के बाद अब राज्य की सत्ता को लेकर नए समीकरण बनने लगे हैं। सवाल यह है कि अगर नीतीश कुमार सक्रिय रूप से दिल्ली की राजनीति में जाते हैं तो बिहार की कमान किसके हाथ में होगी। इसी बीच मुख्यमंत्री पद की दौड़ में एक नया नाम तेजी से चर्चा में आया है, चिराग पासवान।
राज्यसभा नामांकन के बाद तेज हुई अटकलें
पटना में नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। माना जा रहा है कि यह कदम राष्ट्रीय राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका की ओर इशारा करता है। नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में गिने जाते हैं और उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। ऐसे में उनके दिल्ली जाने की संभावनाओं ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
NDA में CM चेहरे को लेकर चर्चा
राज्यसभा नामांकन के बाद से ही एनडीए के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम सबसे मजबूत दावेदारों में माना जा रहा है। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और जातीय समीकरणों को साधने की क्षमता उन्हें इस दौड़ में आगे बताई जा रही है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय। का नाम भी चर्चाओं में है। लेकिन इसी बीच अब एक और नाम तेजी से सामने आया है चिराग पासवान
चिराग पासवान को CM बनाने की मांग
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की मांग पार्टी के कुछ नेताओं की ओर से उठाई गई है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मनीष सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए यह मांग सामने रखी। पोस्ट में कहा गया कि नीतीश कुमार का राष्ट्रीय राजनीति में जाना एक ऐतिहासिक फैसला हो सकता है, लेकिन बिहार को अब नई ऊर्जा और नई सोच की जरूरत है। ऐसे में युवा नेता चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिलना चाहिए। उनका मानना है कि यह कदम सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक विश्वास को मजबूत करेगा।
“बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” विजन की चर्चा
चिराग पासवान लंबे समय से “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” के विजन की बात करते रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि अगर उन्हें नेतृत्व का मौका मिलता है तो वह बिहार को विकास के नए रास्ते पर ले जा सकते हैं। इससे पहले भी पार्टी के कुछ नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर इच्छा जताई थी कि चिराग पासवान को राज्य की कमान संभालनी चाहिए।
चुनावी गणित भी अहम
पिछले विधानसभा चुनावों में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने सीमित सीटों पर चुनाव लड़कर भी अच्छी उपस्थिति दर्ज कराई थी। पार्टी को दलित वोट बैंक में प्रभावशाली माना जाता है और चिराग पासवान खुद को युवा नेतृत्व के रूप में पेश करते हैं। यही कारण है कि उनके नाम को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
लेकिन रास्ता आसान नहीं
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री पद की राह इतनी आसान नहीं होगी। एनडीए में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी ताकत है और पार्टी पहली बार बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाना चाह सकती है। इस वजह से सम्राट चौधरी को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इसके अलावा गठबंधन के भीतर संतुलन बनाए रखना भी नेतृत्व के लिए अहम चुनौती होगी। कुछ राजनीतिक हलकों में नीतीश कुमार (नीतीश कुमार के बेटे) की सक्रिय राजनीति में एंट्री को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं, हालांकि अभी इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। नीतीश कुमार का संभावित नया रोल और मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई नामों की चर्चा ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। अब सबकी नजर एनडीए की केंद्रीय नेतृत्व पर है कि वह बिहार की कमान किसे सौंपने का फैसला करता है। क्या चिराग पासवान, को मौका मिलेगा, या फिर सम्राट चौधरी जैसे किसी अन्य नेता के हाथ में सत्ता की बागडोर जाएगी—इसका जवाब आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। फिलहाल इतना तय है कि बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत होने जा रही है। - सहसंपादक आशीष शुक्ला की रिपोर्ट।