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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 27 Nov 2025, 12:01 pm
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से 14 नए जिलाध्यक्षों की सूची जारी की है। इस नई नियुक्ति सूची में पार्टी ने जातीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा है। घोषित किए गए जिलाध्यक्षों में सात सामान्य वर्ग, छह पिछड़ी जातियों और एक अनुसूचित जाति वर्ग से है। इनमें से पांच ऐसे हैं जिन्हें दोबारा जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे पार्टी ने उनके संगठनात्मक कौशल पर भरोसा जताया है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के गृह जिले जालौन में उर्विजा दीक्षित और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जिले कौशांबी में धर्मराज मौर्या को फिर से जिलों की कमान सौंपी गई है। इसी तरह अलीगढ़ जिला में कृष्णपाल सिंह, अलीगढ़ महानगर में राजीव शर्मा और फिरोजाबाद जिले में उदय प्रताप सिंह को भी दोबारा मौका दिया गया है।
फतेहपुर में विवादों में आए जिलाध्यक्ष को हटाया
फतेहपुर जिले में पार्टी ने जिलाध्यक्ष बदल दिया है। यहां के जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल पर लगे गंभीर आरोपों के बाद उन्हें पद से हटाने का निर्णय लिया गया। मुखलाल पाल पर आरोप था कि उन्होंने संगठन में पद दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये की मांग की और यह राशि पार्टी फंड में जमा नहीं की। इस मामले के सामने आने के बाद उनके स्थान पर अन्नू श्रीवास्तव को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
मार्च में भी हुई थी 70 जिलाध्यक्षों की घोषणा
इससे पहले मार्च में 98 संगठनात्मक जिलों में से 70 जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई थी। नई सूची जारी होने के बाद अब तक 84 जिलाध्यक्ष नियुक्त हो चुके हैं और केवल 14 जिलों की घोषणा शेष है। अभी तक 53 जिलों में नए जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं, जबकि 31 जिलाध्यक्षों को फिर से मौका दिया गया है। पार्टी ने सामान्य वर्ग से 45, अनुसूचित जाति से 7, पिछड़ी जातियों से 32, कायस्थ समाज से 4, ब्राह्मणों से 21, वैश्य समुदाय से 5 और ठाकुर समाज से 13 जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं।
बांदा के भाजपा नेता ने लगाए थे मुखलाल पर गंभीर आरोप
फतेहपुर से जुड़ा विवाद नौ महीने पहले शुरू हुआ था, जब बांदा के भाजपा नेता अजित कुमार गुप्ता ने मुखलाल पाल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मुखलाल पाल ने उन्हें जिलाध्यक्ष पद दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये की मांग की और यह पैसा पार्टी फंड में जमा नहीं किया। दोनों के बीच हुई बातचीत का एक कथित ऑडियो भी सामने आया, जिसमें रुपये और गाड़ी देने की चर्चा सुनाई देती है।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल को मिली थी लिखित शिकायत
अजित गुप्ता ने इस मामले की शिकायत भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल को पत्र लिखकर दी। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की और मुखलाल पाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला ने बताया कि सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया था और संतोषजनक उत्तर न मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी, हालांकि अंततः प्रत्यक्ष अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
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