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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 09 Mar 2026, 01:54 pm
प्रयागराज। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज पर रविवार सुबह चलती ट्रेन में जानलेवा हमला होने का मामला सामने आया है। घटना उस समय हुई जब वह रीवा एक्सप्रेस से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहे थे। आशुतोष महाराज के अनुसार सुबह करीब 5 बजे Sirathu Railway Station के पास ट्रेन में एक अज्ञात व्यक्ति ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में उनके चेहरे और हाथ पर गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्होंने खुद को ट्रेन के टॉयलेट में बंद कर लिया और जीआरपी को सूचना दी।
“नाक काटने की कोशिश की गई”
आशुतोष महाराज ने बताया कि वह फर्स्ट एसी कोच में यात्रा कर रहे थे। टॉयलेट जाने के लिए जब वह उठे तो गेट के पास खड़े एक व्यक्ति ने पीछे से उन पर हमला कर दिया। उनके मुताबिक हमलावर ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की और चेहरे व हाथ पर कई वार किए। हमले में काफी खून बहा, जिसके बाद वह किसी तरह बचकर टॉयलेट में जाकर छिप गए और वहीं से पुलिस को फोन किया।
शंकराचार्य और उनके शिष्य पर लगाया आरोप
हमले के बाद आशुतोष महाराज ने इस घटना के पीछे Swami Avimukteshwaranand Saraswati और उनके शिष्य मुकुंदानंद सहित अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने हाल ही में शंकराचार्य के खिलाफ दो बटुकों के यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू
इस मामले में जीआरपी के सीओ Arun Kumar Pathak ने बताया कि आशुतोष महाराज की शिकायत के आधार पर रविवार शाम एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
पुलिस ने जांच के लिए टीम गठित की है और सिराथू तथा प्रयागराज रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। इसके अलावा आशुतोष महाराज के आसपास बैठे चार यात्रियों से भी पूछताछ की गई है।
शंकराचार्य ने आरोपों को बताया ‘दिखावा’
वहीं इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने कहा कि यह पूरी घटना एक दिखावा है। उनका कहना है कि आशुतोष महाराज माहौल बनाने और सुरक्षा हासिल करने के लिए ऐसा दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप मीडिया का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश हैं और यह उनकी यात्रा से ध्यान भटकाने का प्रयास है।
पहले भी दर्ज कराई थी FIR
जानकारी के अनुसार आशुतोष महाराज, Jagadguru Rambhadracharya के शिष्य हैं। उन्होंने 21 फरवरी को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दो बटुकों के यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। हालांकि इस मामले में Allahabad High Court ने शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा रखी है। उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर मार्च के तीसरे सप्ताह में सुनवाई होनी है।
हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा
आशुतोष महाराज का यह भी दावा है कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई है, जिसमें खुद को शंकराचार्य की शिष्या बताने वाली डॉ. स्वाति अधेरी ने हमले की जिम्मेदारी ली है। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया प्रोफाइल के अनुसार वह उत्तराखंड के गंगोत्री क्षेत्र की रहने वाली हैं और खुद को सनातनी कार्यकर्ता व अघोरी साधक बताती हैं।
सुरक्षा की मांग
घटना के बाद प्रयागराज के कॉल्विन हॉस्पिटल में जांच कराने के बाद आशुतोष महाराज ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके पास इस मामले से जुड़े कुछ साक्ष्य हैं। उन्होंने सरकार से सुरक्षा देने की मांग की है, ताकि वह अदालत में ये सबूत पेश कर सकें। उन्होंने कहा कि जब तक वह कोर्ट में साक्ष्य पेश नहीं कर देते, तब तक उन्हें सुरक्षित रखा जाए।