स्मार्ट मीटरों पर महिलाओं का गुस्सा फूटा, उखाड़कर बिजली ऑफिस पहुंचीं महिलाएं, आगरा में जोरदार विरोध प्रदर्शन

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 01 May 2026, 05:48 pm
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आगरा के अकोला कस्बे में स्मार्ट मीटर के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों महिलाओं और ग्रामीणों ने घरों से मीटर उखाड़कर बिजली विभाग कार्यालय में फेंक दिए और धरना शुरू कर दिया। किसानों और राजनीतिक दलों ने भी स्मार्ट मीटर व्यवस्था का विरोध तेज कर दिया

आगरा के अकोला कस्बे में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का गुस्सा शुक्रवार को खुलकर सामने आ गया। सैकड़ों महिलाओं और ग्रामीणों ने अपने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़ दिए और सिर पर रखकर बिजली विभाग के कार्यालय पहुंच गए। वहां लोगों ने मीटर फेंककर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कई ग्रामीण बोरे में भरकर भी स्मार्ट मीटर लेकर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान महिलाएं और किसान धरने पर बैठ गए। हालात को देखते हुए मौके पर पुलिस पहुंची और लोगों को शांत कराने की कोशिश शुरू की। ग्रामीणों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल अचानक बढ़ गए हैं और कम बिजली इस्तेमाल करने पर भी ज्यादा रकम कट रही है। लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था उनके लिए आर्थिक बोझ बनती जा रही है।


ग्रामीण बोले- बिना इस्तेमाल के भी कट रहा बैलेंस

अकोला के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर बहुत तेज चल रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार बिना बिजली इस्तेमाल किए भी बैलेंस कम हो जाता है। जैसे ही बैलेंस माइनस में पहुंचता है, बिजली सप्लाई बंद कर दी जाती है। लोगों ने यह भी शिकायत की कि रिचार्ज कराने के बाद भी कई बार तुरंत बिजली चालू नहीं होती। महिलाओं ने साफ कहा कि उन्हें स्मार्ट मीटर किसी भी हालत में स्वीकार नहीं हैं और सरकार को इस व्यवस्था पर तुरंत रोक लगानी चाहिए। ग्रामीणों ने बिजली बिलों में कथित गड़बड़ी की जांच कराने की भी मांग की। हाल ही में यूपी सरकार ने राहत देते हुए घोषणा की थी कि 1 किलोवाट तक के कनेक्शन पर बैलेंस माइनस होने के बावजूद 30 दिन तक बिजली नहीं काटी जाएगी। वहीं 2 किलोवाट वाले उपभोक्ताओं को 200 रुपए तक माइनस बैलेंस पर राहत दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद विरोध थमता नजर नहीं आ रहा।


किसान संगठनों और नेताओं ने भी उठाई आवाज

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया ने कहा कि संगठन ने फैसला लिया है कि यूपी में कहीं भी स्मार्ट मीटर नहीं लगने दिए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मीटर हटाने वाले किसानों या ग्रामीणों पर कोई कानूनी कार्रवाई हुई, तो बड़ा चक्का जाम किया जाएगा। वहीं मेरठ में भारतीय किसान यूनियन आजाद ने भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खिलाफ पंचायत कर आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन बालियान ने आरोप लगाया कि किसानों पर जबरन स्मार्ट मीटर थोपे जा रहे हैं और रिचार्ज खत्म होते ही बिजली काट दी जाती है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि टेक्नोलॉजी के नाम पर जनता से लूट की जा रही है और लोग अब इसका विरोध कर रहे हैं। फिलहाल आगरा में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।


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