एमपी में बड़ी दुर्घटना, बरगी डैम में डूब गया क्रूज, मौत से मचा मातम, 9 लाशें मिलीं

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 01 May 2026, 11:52 am
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जबलपुर के बरगी डैम में तेज आंधी के दौरान पर्यटकों से भरा क्रूज पलट गया, जिसमें अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग अब भी लापता हैं और सेना समेत राहत टीमें सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं। हादसे के बाद मौसम अलर्ट के बावजूद क्रूज संचालन पर गंभीर सवाल उठ रहे है

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया, जब तेज आंधी और खराब मौसम के बीच पर्यटकों से भरा क्रूज अचानक पलटकर डूब गया। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक करीब 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हादसा डैम किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ। बताया जा रहा है कि क्रूज में 43 से 47 लोग सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 लोगों की ही कटी थी। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अंधेरा और खराब मौसम के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी दिक्कतें आईं। शुक्रवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जबलपुर पहुंचने की संभावना जताई गई है।




मां ने आखिरी सांस तक बेटे को सीने से लगाए रखा

हादसे की सबसे भावुक तस्वीर दिल्ली से घूमने आए परिवार की रही। हादसे में मरिना मैसी और उनके 4 वर्षीय बेटे त्रिशान की मौत हो गई। रेस्क्यू टीम ने दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए बरामद किए। बताया गया कि मां ने अपनी लाइफ जैकेट के अंदर बेटे को मजबूती से सीने से चिपकाए रखा था। इस दृश्य को देखकर रेस्क्यू टीम की आंखें भी नम हो गईं। वहीं परिवार के पिता प्रदीप मैसी और उनकी बेटी किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। हादसे में कई परिवार बिखर गए। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया के कर्मचारी कामराज आर्य का परिवार भी क्रूज में सवार था। उनकी पत्नी, भाभी और बच्चे लापता बताए जा रहे हैं। कामराज के बुजुर्ग माता-पिता किनारे पर ही रुक गए थे, जिससे उनकी जान बच गई।




मौसम अलर्ट के बावजूद चल रहा था क्रूज

हादसे के बाद पर्यटन विभाग और प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। पर्यावरण प्रेमी अजय दुबे ने आरोप लगाया कि मौसम विभाग ने पहले ही येलो अलर्ट जारी किया था, इसके बावजूद क्रूज संचालन बंद नहीं किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि क्रूज पर तेज संगीत और डांस चल रहा था, तभी अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में क्रूज अनियंत्रित होकर पलट गया। कई यात्रियों का आरोप है कि लाइफ जैकेट देर से दी गईं, जिसके कारण कई लोग उन्हें पहन भी नहीं सके। क्रूज पायलट महेश ने कहा कि तूफान इतना तेज था कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। हादसे की गंभीरता को देखते हुए सेना, एसडीआरएफ और पैरामिलिट्री की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। हाइड्रॉलिक मशीनों की मदद से पानी में डूबे क्रूज को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।


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