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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 01 May 2026, 10:39 am
पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार रात कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और समर्थकों ने धरना शुरू कर दिया। टीएमसी ने आरोप लगाया कि बिना सूचना दिए स्ट्रॉन्ग रूम खोला गया और वहां संदिग्ध लोग मौजूद थे। विवाद उस समय और बढ़ गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम पहुंच गईं और करीब चार घंटे तक अंदर रहीं। बाहर निकलने के बाद ममता ने कहा कि अगर ईवीएम से छेड़छाड़ या मतगणना में गड़बड़ी की कोशिश हुई तो उनकी पार्टी हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। देर रात तक स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात रहे। पूरे घटनाक्रम के बाद बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
पूरा विवाद एक वायरल वीडियो से शुरू हुआ, जिसे टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया। पार्टी ने दावा किया कि वीडियो में चुनाव आयोग के अधिकारी भाजपा नेताओं के साथ बैलेट बॉक्स खोलते दिखाई दे रहे हैं। टीएमसी ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए चुनावी साजिश करार दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि बिना अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बैलेट बॉक्स खोले गए। वहीं चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वहां केवल पोस्टल बैलेट की छंटाई की प्रक्रिया चल रही थी और सभी राजनीतिक दलों को इसकी जानकारी दी गई थी। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि पार्टियों को बुलाया गया था, लेकिन कई प्रतिनिधि नहीं पहुंचे। जिला निर्वाचन अधिकारी स्मिता पांडे ने भी स्पष्ट किया कि पोस्टल बैलेट को अलग-अलग करना सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि टीएमसी ने आयोग के स्पष्टीकरण पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई है।
भाजपा और टीएमसी आमने-सामने, बढ़ी राजनीतिक गर्मी
भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भवानीपुर से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि उनकी पार्टी के अधिकृत एजेंट पूरी रात स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर मौजूद रहे और हर गतिविधि पर नजर रखी गई। भाजपा नेता नवीन मिश्रा ने आरोप लगाया कि टीएमसी की एक गाड़ी को स्ट्रॉन्ग रूम के पीछे खड़ा किया गया था और उसी को लेकर शक पैदा हुआ। भाजपा ने यह भी कहा कि टीएमसी हार के डर से माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें कई जगहों से गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं, इसलिए वे खुद मौके पर पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय सुरक्षा बलों ने उन्हें शुरुआत में अंदर जाने से रोका। इस बीच भाजपा ने शनिवार को कोलकाता में हाई-लेवल बैठक बुलाकर मतगणना की तैयारियों की समीक्षा करने का फैसला लिया है। राज्य में चुनाव नतीजों से पहले सियासी तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।
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