EVM विवाद के बीच बंगाल में 15 बूथ पर कल दोबारा वोटिंग, कोलकाता में स्ट्राँग रुम के पास भीड़ लगाने पर रोक

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 01 May 2026, 06:54 pm
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पश्चिम बंगाल में EVM विवाद के बीच चुनाव आयोग ने 15 बूथों पर दोबारा मतदान का फैसला लिया है। कोलकाता के स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और CAPF की अतिरिक्त तैनाती की गई है। TMC और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग के बाद शुरू हुआ EVM और स्ट्रॉन्ग रूम विवाद अब और गहरा गया है। चुनाव आयोग ने डायमंड हार्बर और मगराहट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर शनिवार को दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया है। इन बूथों पर 29 अप्रैल को हुई वोटिंग के दौरान हिंसा, झड़प और EVM से छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद प्रशासन ने कोलकाता के सातों EVM स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा और कड़ी कर दी है। राजधानी में कई इलाकों में धारा 163 लागू कर दी गई है और 200 मीटर के दायरे में पांच या उससे ज्यादा लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है। पूरे मामले को लेकर राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो गया है। TMC और भाजपा लगातार एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा हुआ है।


स्ट्रॉन्ग रूम विवाद के बाद बढ़ी सियासी टेंशन

गुरुवार रात कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर TMC और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन चला। TMC ने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारियों ने बिना सूचना दिए स्ट्रॉन्ग रूम खोला और वहां संदिग्ध लोग मौजूद थे। पार्टी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर सवाल उठाए। इसी विवाद के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रात करीब 8 बजे सखावत मेमोरियल गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं और करीब चार घंटे तक अंदर रहीं। बाहर निकलने के बाद उन्होंने कहा कि अगर EVM लूटने या मतगणना में गड़बड़ी की कोशिश हुई तो उनकी पार्टी जान की बाजी लगा देगी। इसके बाद प्रशासन ने CAPF की लगभग 700 कंपनियां तैनात कर दीं। पुलिस और केंद्रीय बल लगातार स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर गश्त कर रहे हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त रूपेश कुमार ने दावा किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।


रीपोलिंग और CCTV फुटेज की जांच पर आयोग की नजर

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि कुछ बूथों पर पुनर्मतदान की संभावना पहले से थी और ऑब्जर्वर्स की रिपोर्ट के आधार पर 15 बूथों पर रीपोल का फैसला लिया गया है। आयोग अब उन बूथों की CCTV फुटेज भी खंगाल रहा है, जहां कुछ समय के लिए कैमरे बंद हो गए थे। सूत्रों के मुताबिक कुछ बूथों पर कैमरे बंद होने के बाद मतदान प्रतिशत अचानक बढ़ा, जिससे संदेह पैदा हुआ। आयोग इन तकनीकी गड़बड़ियों की भी जांच कर रहा है। चुनाव आयोग ने मतगणना के दिन सभी ऑब्जर्वर्स को हर राउंड में खुद मौजूद रहने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उधर भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि अगर TMC को आयोग पर भरोसा नहीं है तो वे सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। वहीं कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी चुनाव बाद हिंसा और विपक्षी कार्यकर्ताओं को परेशान किए जाने के आरोप लगाए हैं। पूरे घटनाक्रम के बाद बंगाल में मतगणना से पहले राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है।


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