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shivnowup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 07 Jan 2026, 06:20 pm
मुजफ्फरनगर जिले के आराजी भैंसा गांव में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां तीन साल की मासूम बच्ची हिमानी को कुत्तों के झुंड ने नोच-नोचकर मार डाला। बच्ची का शव बुधवार सुबह गांव के पास एक गेहूं के खेत में पड़ा मिला। शव की हालत देख हर किसी का दिल दहल गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांव में घटना के बाद मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मंगलवार को यह घटना उस वक्त हुई जब मासूम खेत में खेलते-खेलते अचानक लापता हो गई थी। देर शाम तक तलाश के बावजूद जब बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पूरी रात खोजबीन चली, लेकिन बुधवार सुबह जो सामने आया, उसने पूरे गांव को हिला दिया।
खेत में मजदूरी के दौरान खेलते-खेलते हुई लापता
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह हिमानी पुत्री अजय सैनी को उसके दादा राजपाल और चाचा आकाश अपने साथ खेत पर ले गए थे। दोनों खेत में मजदूरी पर गन्ने की छिलाई कर रहे थे, जबकि हिमानी पास ही अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। दोपहर के समय अचानक हिमानी नजरों से ओझल हो गई। पहले परिजनों ने सोचा कि वह आसपास ही कहीं खेल रही होगी, लेकिन काफी देर तक दिखाई न देने पर खोजबीन शुरू की गई। दादा-चाचा और गांव के लोग आसपास के खेतों और गांव में उसे ढूंढते रहे, लेकिन कोई पता नहीं चला। इसके बाद मंगलवार शाम को थाना शिवालकलां में बच्ची की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने भी रात में गांव पहुंचकर सर्च ऑपरेशन चलाया, मगर कोई सफलता नहीं मिली।
शव पर गहरे जख्म, कुत्तों के हमले की पुष्टि
बुधवार सुबह गांव के पास गेहूं के खेत में हिमानी का शव औंधे मुंह पड़ा मिला। शव से कुछ दूरी पर बच्ची के जूते, कपड़े और शॉल बिखरे हुए थे। शरीर पर कई जगह गहरे नोचने के निशान थे। चेहरे, गर्दन के पीछे और पैरों पर गंभीर घाव पाए गए। हालात देखकर साफ लग रहा था कि कुत्तों के झुंड ने बच्ची को खसीटते हुए हमला किया। चाचा आकाश ने भी कुत्तों के हमले से मौत की बात कही है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया मौत का कारण कुत्तों का हमला माना है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
दादा-दादी के साथ रह रही थी मासूम हिमानी
बताया गया कि हिमानी के पिता अजय सैनी की पत्नी ढाई साल पहले झगड़े के बाद मायके चली गई थी। उस समय हिमानी महज छह माह की थी। मां बच्ची को पिता के पास छोड़ गई थी। इसके बाद से दादा-दादी ही उसका पालन-पोषण कर रहे थे। वहीं, पिछले छह माह से पिता अजय सैनी भी घर नहीं आया है। पुलिस के अनुसार वह पानीपत में रहता है और शराब पीने का आदी है। सीओ ने बताया कि घटनास्थल के आसपास करीब 300 तालाब हैं, जहां मछली पालन होता है। इन्हीं तालाबों की वजह से क्षेत्र में कुत्तों के झुंड लगातार घूमते रहते हैं, जो इस तरह की घटनाओं का कारण बन रहे हैं।