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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 31 Dec 2025, 04:50 pm
अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पूरे भक्ति भाव और भव्यता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की। इसके बाद दोनों नेताओं ने राम मंदिर में रामलला के दर्शन किए। आरती के पश्चात राजनाथ सिंह ने प्रभु श्रीराम को दंडवत प्रणाम किया। पूरे मंदिर परिसर में शंख, मंजीरों और ‘सीता राम, सीता राम’ के भजनों की गूंज सुनाई दी। रामनगरी का माहौल दो वर्ष पहले प्राण-प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक दिन जैसा ही प्रतीत हो रहा था। इस दौरान राजनाथ सिंह माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई। यह क्षण ऐतिहासिक रहा, क्योंकि राम मंदिर परकोटे के मंदिरों में पहली बार धर्म ध्वजा फहराई गई। 70 फीट ऊंचे अन्नपूर्णा मंदिर पर 4.25 मीटर लंबी त्रिभुजाकार ध्वजा लहराई। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर को राम मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराई थी। पूरी अयोध्या आस्था, श्रद्धा और उत्सव के रंग में रंगी नजर आई।
योगी का सपा सरकार पर निशाना, अयोध्या के बदले स्वरूप का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंगद टीला पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या का नाम सुनते ही शांति और मर्यादा का भाव आता है, लेकिन कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए इसे संघर्ष और उपद्रव का केंद्र बना दिया था। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय अयोध्या को लहूलुहान करने का प्रयास किया गया। योगी ने 2005 के आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम और बजरंगबली की कृपा से आतंकियों को PAC के जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया था। योगी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या का कायाकल्प हुआ है। अब यहां आतंकी घटनाएं नहीं, बल्कि विकास, आस्था और संस्कृति का संगम दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी में विराजमान बजरंगबली की कृपा से अब अयोध्या सुरक्षित और समृद्ध हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने राम मंदिर आंदोलन में राजनाथ सिंह की भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि मंदिर के भव्य स्वरूप को देखकर वह भावुक हो गए।
राजनाथ सिंह बोले- ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में निभाई राम की मर्यादा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में ऑपरेशन ‘सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने इसमें भगवान राम की मर्यादा का पालन किया। जैसे प्रभु राम का उद्देश्य रावण का संहार नहीं, बल्कि अधर्म का अंत था, वैसे ही भारत का लक्ष्य आतंकवाद का खात्मा करना था। उन्होंने कहा कि राम की मर्यादा हमें सिखाती है कि युद्ध में भी नैतिक मूल्य जीवित रहने चाहिए। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ ने साबित किया कि आधुनिक भारत भी राम की मर्यादा का सच्चा उत्तराधिकारी है। राजनाथ सिंह ने योगी सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में अयोध्या अभूतपूर्व परिवर्तन की साक्षी बन रही है। आस्था, संस्कृति और इतिहास को संजोते हुए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण हो रहा है। उन्होंने युवाओं से सनातन मूल्यों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश भी दिया।
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