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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 20 Dec 2025, 07:11 pm
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद में वर्ष 2016 में नेशनल हाईवे-91 पर घटित दिल दहला देने वाले सामूहिक दुष्कर्म और लूटकांड मामले में न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। विशेष पॉक्सो न्यायाधीश ओपी वर्मा की अदालत ने इस प्रकरण में पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 22 दिसंबर की तारीख तय की है। इस मामले में कुल छह आरोपियों के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन एक आरोपी की बीमारी के चलते पहले ही जेल में मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य आरोपी अलग-अलग मामलों में पुलिस एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।
यह वारदात 28 जुलाई 2016 की रात की है। गाजियाबाद निवासी एक परिवार के छह सदस्य कार से शाहजहांपुर अपने पैतृक गांव जा रहे थे, जहां उन्हें एक तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होना था। जैसे ही उनकी कार देहात कोतवाली क्षेत्र में दोस्तपुर फ्लाईओवर के पास पहुंची, अज्ञात बदमाशों ने लोहे की वस्तु फेंककर कार को रुकवा लिया। इसके बाद आरोपियों ने पूरे परिवार को बंधक बना लिया और कार समेत सड़क के दूसरी ओर एक खेत में ले गए। वहां आरोपियों ने परिवार के तीन पुरुष सदस्यों—पिता, ताऊ और तहेरे भाई—के हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद उन्होंने 14 वर्षीय किशोरी और उसकी मां को खेत में ले जाकर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी परिवार से नकदी और कीमती सामान लूटकर फरार हो गए। इस जघन्य अपराध से पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया था।
मामले की जांच के दौरान स्थानीय पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई। इसके चलते तत्कालीन एसएसपी सहित 17 पुलिसकर्मियों पर शासन स्तर से कार्रवाई की गई। शुरुआती जांच में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में वे निर्दोष पाए गए। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई की जांच में बावरिया गिरोह से जुड़े कई अपराधियों के नाम सामने आए। जांच के दौरान जुबैर उर्फ सुनील उर्फ परवेज, सलीम उर्फ बीना उर्फ दीवानजी और साजिद सहित अन्य आरोपियों की भूमिका उजागर हुई। सीबीआई ने साक्ष्यों के आधार पर जुबैर, सलीम और साजिद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जबकि साक्ष्य न मिलने पर तीन आरोपियों को जांच से बाहर कर दिया गया। इन तीनों के खिलाफ 11 अप्रैल 2017 को आरोप तय किए गए।
इसके बाद हरियाणा पुलिस द्वारा एक गिरोह की गिरफ्तारी के दौरान इस हाईवे कांड में शामिल अन्य आरोपियों का भी खुलासा हुआ। पीड़िता की शिनाख्त परेड में धर्मवीर उर्फ राका, नरेश उर्फ संदीप, सुनील उर्फ सागर सहित अन्य आरोपियों की पहचान हुई। हालांकि इनमें से अजय उर्फ असलम और बंटी उर्फ गंजा को अलग-अलग मामलों में हरियाणा और नोएडा पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। अंततः न्यायालय में छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चला, लेकिन सलीम की जेल में बीमारी से मृत्यु हो जाने के कारण उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त हो गई। शेष पांच आरोपियों के खिलाफ गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया। शनिवार को सभी दोषियों को जिला कारागार बुलंदशहर भेज दिया गया। अब सोमवार को अदालत इन सभी को सजा सुनाएगी, जिसका पीड़ित परिवार और समाज लंबे समय से इंतजार कर रहा था।
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