प्रयागराज में माघ मेला का पूरा ट्रैफिक प्लान, कहां से एंट्री और कहां पर एग्जिट, कैसे पहुंचेंगे संगम? जानें सबकुछ यहां!

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 16 Dec 2025, 07:56 pm
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यूपी के प्रयागराज में साल 2026 में लगने वाले माघ मेला को लेकर जनपद का ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया गया है। इनमें सामान्य दिनों से लेकर मुख्य स्नान पर्व के ट्रैफिक प्लान शामिल हैं। आइए खबर में पूरी व्यवस्था जान लेते हैं।

माघ मेला 2026 को लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने अब तक का सबसे विस्तृत और व्यवस्थित ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। इस योजना में पैदल श्रद्धालुओं, स्नानार्थियों, छोटे-बड़े वाहनों के प्रवेश और निकास, रूट डायवर्जन तथा पार्किंग की पूरी रूपरेखा शामिल है। इसका उद्देश्य यह है कि संगम स्नान के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और भीड़ को नियंत्रित करते हुए सुचारु यातायात बना रहे। इस विस्तृत प्लान के माध्यम से श्रद्धालु आसानी से समझ सकेंगे कि उन्हें संगम में किस मार्ग से प्रवेश करना है, स्नान के बाद किस रास्ते से बाहर निकलना है और अपने वाहन कहां पार्क करने होंगे।


यह हैं मुख्य प्रमुख स्नान पर्व

माघ मेला 2026 में छह प्रमुख स्नान तिथियां निर्धारित की गई हैं। पौष पूर्णिमा 3 जनवरी (शनिवार), मकर संक्रांति 15 जनवरी (गुरुवार), मौनी अमावस्या 18 जनवरी (रविवार), बसंत पंचमी 23 जनवरी (शुक्रवार), माघी पूर्णिमा 1 फरवरी (रविवार) और महाशिवरात्रि 15 फरवरी (रविवार) को भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इन तिथियों पर विशेष यातायात व्यवस्था लागू रहेगी।


सामान्य दिनों में पैदल रूट-

प्रयागराज सिटी से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह है पैदल रूट

नगर क्षेत्र से आने वाले पैदल श्रद्धालु काली सड़क होते हुए थाना कोतवाली तिराहा पहुंचेंगे। यहां से दाहिने मुड़कर अपर संगम मार्ग के जरिए संगम तक जाएंगे। स्नान के बाद वापसी के लिए केंद्रीय नियंत्रण टॉवर (CCT) के सामने से अक्षयवट मार्ग, पुलिस लाइन तिराहा, त्रिवेणी मार्ग और फोर्ट गेट चौराहा होते हुए बाहर निकलने की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त अक्षयवट क्रॉसिंग से किला घाट मार्ग और जगदीश रैम्प के रास्ते भी वैकल्पिक वापसी मार्ग तय किए गए हैं। जीटी जवाहर चौराहा और नागवासुकी रिवर फ्रंट से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अलग-अलग पैदल मार्ग निर्धारित किए गए हैं, ताकि भीड़ एक ही स्थान पर एकत्र न हो और आवागमन सुचारु बना रहे।


झूंसी की तरफ से आने वाले इधर से पहुंचें

झूंसी से पैदल आने वाले स्नानार्थी त्रिवेणी मार्ग होते हुए पांटून पुल संख्या-2 से संगम पहुंचेंगे, जबकि वापसी में महावीर मार्ग और पांटून पुल संख्या-1 का उपयोग करेंगे। टीकरमाफी तिराहा और समुद्रकूप क्षेत्र से आने वालों के लिए भी पृथक प्रवेश और निकास मार्ग तय किए गए हैं। झूंसी लौटने वाले श्रद्धालुओं को अक्षयवट और महावीर जी मंदिर दर्शन के बाद त्रिवेणी मार्ग, बाघम्बरी मार्ग और पांटून पुल संख्या-3 से वापस भेजा जाएगा।


नैनी से आने वाले इधर से आएं

नैनी क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु मुख्य रूप से अरैल घाट पर स्नान करेंगे। संगम जाने के इच्छुक श्रद्धालु काली सड़क और थाना कोतवाली तिराहा होते हुए अपर संगम मार्ग से जाएंगे। वापसी CCT, अक्षयवट मार्ग और त्रिवेणी मार्ग से सुनिश्चित की जाएगी।


क्या है पार्किंग की व्यवस्था

जौनपुर और वाराणसी मार्ग से आने वाले बड़े वाहनों के लिए ओल्ड जीटी कछार और महुआबाग, जबकि छोटे वाहनों के लिए ओल्ड जीटी कछार और सोहम आश्रम पार्किंग तय की गई है। मिर्जापुर, रीवा और चित्रकूट मार्ग से आने वाले वाहनों के लिए डीपीएस कछार, गजिया पार्किंग, नवप्रयागम और यमुना पट्टी कछार पार्किंग का उपयोग होगा। कानपुर और लखनऊ-प्रतापगढ़ मार्ग से आने वाले वाहनों के लिए परेड क्षेत्र में अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं।


मुख्य स्नान पर्व पर आवागमन व्यवस्था

मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी जैसे प्रमुख स्नान पर्वों पर डायवर्जन आधारित ट्रैफिक सिस्टम लागू रहेगा। प्रत्येक पार्किंग स्थल के 75 प्रतिशत भरते ही वैकल्पिक पार्किंग को सक्रिय किया जाएगा। झूंसी, अरैल और नगर क्षेत्र में ओल्ड जीटी कछार, चीनी मिल, पूरे सूरदास, सरस्वती, त्रिवेणीपुरम, डीपीएस, ओमेक्स सिटी, नवप्रयागम, यमुनापट्टी, नागवासुकी, आईईआरटी और एमएनएनआईटी समेत कई पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं। हेलीपैड पार्किंग केवल प्रशासनिक वाहनों और एंबुलेंस के लिए आरक्षित रहेगी।


यह है आगमन और निकास की व्यवस्था

हर मार्ग के लिए आगमन और वापसी की अलग-अलग व्यवस्था बनाई गई है। जौनपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, रीवा-चित्रकूट, कानपुर और लखनऊ-प्रतापगढ़ मार्ग से आने वाले वाहन निर्धारित पार्किंग में खड़े होंगे और वापसी उसी मार्ग से कराई जाएगी, जिससे वे आए हैं। इसका उद्देश्य जाम की स्थिति से बचना और यातायात को नियंत्रित रखना है। यह विस्तृत ट्रैफिक प्लान माघ मेला 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के संगम स्नान कर सकें और आस्था के इस महापर्व का आनंद शांतिपूर्वक ले सकें।

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