दिल्ली ब्लास्ट मामले में बड़ा अपडेट आया सामने, ये खबर जान आप भी कहेंगे- सब पाकिस्तान का किया धरा

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 22 Nov 2025, 03:48 pm
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दिल्ली में लाल किले के पास कार ब्लास्ट के बाद एक और बड़ी खबर सामने आई है। इसका कनेक्शन सीधे पाकिस्तान से है। आइये पूरा मामला जानते हैं।

दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद पाकिस्तान को जाने वाली मोबाइल फोन कॉल्स में अचानक आई भारी गिरावट आई है। इस घटना ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींच लिया है। सामान्य दिनों में जहां शहर से प्रतिदिन करीब 200 कॉल पाकिस्तान को की जाती थीं, वहीं अब इनकी संख्या घटकर मात्र 40 से 50 रह गई है। इसी तरह पाकिस्तान से आने वाली कॉल्स में भी भारी कमी दर्ज की गई है। इस असामान्य परिवर्तन को देखते हुए एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों से विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।


पुलिस, एलआईयू और अन्य खुफिया एजेंसियां शहर में हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए हैं। शहर में ऐसे 50 से अधिक लोग रह रहे हैं जिनकी जड़ें पाकिस्तान से जुड़ी हुई हैं। वहीं कई स्थानीय लोगों के रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं, जिनसे उनका नियमित संपर्क रहता है। इनके बीच सामान्यत: रोजमर्रा के हालचाल, सामाजिक और पारिवारिक मुद्दों पर बातचीत होती रहती है। लेकिन 10 नवंबर को दिल्ली में विस्फोट की घटना के बाद माहौल बदल गया और कॉल पैटर्न में अचानक आई कमी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं को बढ़ा दिया।


संदिग्ध गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों ने तेज की निगरानी

विस्फोट के बाद एनआईए, एटीएस, आइबी सहित कई एजेंसियों ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी तेज कर दी। इसी क्रम में डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज अंसारी के पाकिस्तान कनेक्शन की भी जांच शुरू की गई। चमनगंज और बेकनगंज जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में दबिश देकर एजेंसियों ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं। इसका असर सीधा पाकिस्तान जाने वाली कॉल्स पर देखने को मिला, जिनकी संख्या अचानक एक चौथाई तक सिमट गई। सूत्रों का मानना है कि आम लोगों में फैले डर या किसी विवाद में उलझने से बचने की प्रवृत्ति के चलते यह कमी हो सकती है।


कॉल डिटेल्स का किया जा रहा एनालिसिस

जांच एजेंसियों ने सभी कॉल डिटेल रिकॉर्ड हासिल कर लिए हैं और उनका विश्लेषण किया जा रहा है। कुछ कॉल्स को संवेदनशील श्रेणी में चिह्नित किया गया है, जिन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। खासकर देर रात या तड़के की गई कॉल्स की गहन जांच की जा रही है। एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कॉल्स पाकिस्तान के किन-किन क्षेत्रों में की गईं।

वहीं दूसरी ओर संभावना जताई जा रही है कि विस्फोट के बाद प्रत्यक्ष मोबाइल कॉल्स के बजाय लोग व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम के जरिए बातचीत कर रहे हों। हालांकि वरिष्ठ अधिकारी इस पर खुलकर कुछ नहीं कह रहे, लेकिन पुलिस और एलआईयू संदिग्धों की ऑनलाइन गतिविधियों पर भी गुप्त रूप से नजर बनाए हुए हैं। यह जांच आगे और कई खुलासे कर सकती है।

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