देवरिया में प्रशासन का बड़ा एक्शन, तैनात करनी पड़ी तीन थानों की पुलिस फोर्स, पूरा मामला जान आप कहेंगे- ठीक किया

Curated By: shivnowup | Hindi Now Uttar Pradesh • 11 Jan 2026, 07:31 pm
news-banner

देवरिया में गोरखपुर ओवरब्रिज के पास बनी 50 साल पुरानी अवैध मजार पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। 6 घंटे में गेट, बाउंड्री, दुकानें और गुंबद तोड़े गए। भारी पुलिस बल तैनात रहा, शेष ध्वस्तीकरण सोमवार को होगा।

देवरिया में रविवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 साल पुरानी अवैध मजार को गिराना शुरू किया। गोरखपुर ओवरब्रिज से सटी इस मजार पर नगर पालिका और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने 3 बुलडोजरों के जरिए लगभग 6 घंटे तक ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। अब तक मजार का मुख्य गेट, बाउंड्री वॉल, तीन दुकानें और गुंबद पूरी तरह तोड़े जा चुके हैं। बेसमेंट का कुछ हिस्सा भी ध्वस्त किया गया है, जबकि शेष कार्रवाई सोमवार को दोपहर 11 बजे के बाद दोबारा शुरू की जाएगी। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।


भारी पुलिस बल के बीच शुरू हुआ ध्वस्तीकरण अभियान
रविवार दोपहर करीब 12 बजे नगर पालिका की टीम छह थानों की करीब 300 पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। सबसे पहले मजार परिसर को खाली कराया गया और चारों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई। इसके बाद बुलडोजर लगाकर ध्वस्तीकरण शुरू किया गया। पूरे अभियान के दौरान एसडीएम श्रुति शर्मा मौके पर मौजूद रहीं और स्थिति पर नजर बनाए रहीं। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के आदेश के तहत की जा रही है। एहतियातन आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।


अब तक क्या-क्या तोड़ा गया, कैसे चला बुलडोजर
प्रशासन के मुताबिक, दोपहर करीब 3 बजे मजार गेट के पास बनी गुमटी को तोड़ा गया। इसके बाद बुलडोजर को नाले की ओर पूर्व दिशा में ले जाकर बेसमेंट की छत को तोड़ा गया। इस दौरान छह पिलर और करीब 20 इंच मोटी बीम को भी ध्वस्त किया गया। शाम करीब 5 बजे एक बुलडोजर को गोरखपुर ओवरब्रिज पर चढ़ाया गया, जहां लगभग डेढ़ घंटे तक मजार के गुंबद को तोड़ने का काम चला। अंधेरा होने और सुरक्षा कारणों के चलते बेसमेंट की पूरी कार्रवाई रविवार को रोक दी गई।


2019 से चल रहा था विवाद, कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
अब्दुल शाह गनी मजार को लेकर विवाद वर्ष 2019 में शुरू हुआ था, जब इसकी शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी से की गई थी। उस समय डीएम ने आरबीओ, तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। 14 दिसंबर 2019 को विपक्षी प्रबंध समिति को नोटिस जारी किया गया, लेकिन इसके बाद मामला लगातार तारीखों में उलझा रहा। शुक्रवार को एसडीएम कोर्ट में हुई सुनवाई में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व जयदीप गुप्ता ने बताया कि न्यायालय पहले ही इस भूमि को बंजर घोषित कर चुका है। कोर्ट ने बचाव पक्ष से मजार से जुड़े नक्शे और दस्तावेज मांगे थे, लेकिन कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद नोटिस जारी कर ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया, जिसके तहत यह कार्रवाई की जा रही है।

यह भी पढ़ें- रोडवेज बस में दबंगई, किराया मांगने पर महिला कंडक्टर से की मारपीट, बीच-बचाव करने पर सचिवालय कर्मी को भी पीटा

advertisement image