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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 27 Nov 2025, 03:17 pm
बाराबंकी के रामनगर से फतेहपुर जाने वाले मार्ग पर अगानपुर गांव के पास बुधवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब मौरंग से लदा तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए करीब 30 फीट नीचे रेलवे ट्रैक पर जा गिरा। घटना इतनी अचानक हुई कि दूसरी लाइन से गुजर रही गरीब रथ एक्सप्रेस के चालक को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकनी पड़ी।
ट्रेन के ठीक बगल में डंपर गिरने से जोरदार धमाका हुआ और ओवरहेड बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके कारण बुढ़वल-गोंडा रेलमार्ग पर रेल यातायात बाधित हो गया। करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद डंपर में फंसे चालक को काटकर बाहर निकाला गया और गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया। उसकी पहचान गोंडा के करनैलगंज के मनिहारी गांव निवासी पंकज कुमार के रूप में हुई।
गरीब रथ एक्सप्रेस ठीक बगल में आ गिरा ट्रक
सीओ गरिमा पंत के अनुसार रात करीब 9:12 बजे फतेहपुर से आ रहा डंपर तेज रफ्तार में नियंत्रण खो बैठा और अमृतसर से बिहार जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस के ठीक बगल में आ गिरा। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि ट्रेन जोर से हिल गई। खतरे को भांपते हुए चालक ने ट्रेन रोक दी। हादसे की आशंका से घबराकर यात्री ट्रेन से नीचे उतरने लगे, लेकिन जब उन्होंने देखा कि डंपर दूसरी लाइन पर गिरा है, तो उन्हें कुछ राहत मिली।
रेलवे ट्रैक बाधित होने से ट्रेनों का आवागमन ठप
इस बीच, रेलवे ओएचई लाइन के पूरी तरह टूट जाने से ट्रेनों की आवाजाही ठप हो गई। यह सेक्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बुढ़वल जंक्शन पर सीतापुर, गोरखपुर-बिहार और बाराबंकी-लखनऊ की लाइनें मिलती हैं। रोजाना 150 से 170 ट्रेनें इस रूट से गुजरती हैं, इसलिए ओएचई लाइन टूटते ही एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और पैसेंजर सभी ट्रेनों को रोकना पड़ा। सीतापुर रूट की ट्रेनों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। देर रात तक रेलवे टीमें लाइन दुरुस्त करने में लगी रहीं।

अचानक धमाकेदार आवाज सुन डर गए यात्री
घटना के समय मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने भी बताया कि हादसा कितना भयावह था। बिहार के सहरसा निवासी पिंटू ने कहा कि वे लोग ट्रेन के दरवाजे पर बैठे थे, तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ। पुल की टूटी रेलिंग और उलटा पड़ा डंपर देखकर वे घबरा गए। ऊपर से चिंगारियां गिर रही थीं और ओवरहेड तार टूटकर नीचे आ रहे थे। उन्हें लगा कि कोई बड़ा विस्फोट हुआ है। वहीं पास भट्ठे पर काम करने वाले जमालुद्दीन ने बताया कि अगर ट्रेन दूसरी लाइन पर होती तो डंपर सीधे उस पर गिरकर बड़ा हादसा कर सकता था। दुकानदार राजबहादुर निषाद ने कहा कि पहले रेलिंग टूटने की आवाज आई और फिर ऐसा लगा जैसे पूरी ट्रेन पटरी से उछल गई हो।

हादसे से यात्रियों के बीच मची अफरा-तफरी
धुएं और चिंगारियों के बीच यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे रोने लगे और कई लोग हनुमान चालीसा पढ़ने लगे। जब तक बचाव टीमें मौके पर नहीं पहुंचीं, किसी को भी राहत नहीं मिली। बाद में यह स्पष्ट होने पर कि धमाका नहीं बल्कि डंपर के गिरने से आवाज हुई थी, लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। हादसे ने कई यात्रियों को देर रात तक दहशत में रखा।

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