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shivnowup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 11 Jan 2026, 12:23 pm
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले से धर्मांतरण से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे एक कथित धर्मांतरण नेटवर्क का खुलासा होने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि “नवाकांती सोसाइटी” नामक संस्था गरीब, असहाय और दलित समुदाय के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रही थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
गरीबों को योजनाओं और पैसों का लालच देकर जोड़ा गया
इस पूरे मामले की शिकायत राम भरोसे नामक व्यक्ति ने पुलिस से की है, जो खुद करीब 10 वर्षों तक इस संस्था से जुड़ा रहा और उसका धर्म परिवर्तन भी कराया गया था। राम भरोसे का आरोप है कि शुरुआत में संस्था की ओर से सिलाई मशीन, ब्यूटी पार्लर, हेयर कटिंग जैसे प्रशिक्षण और रोजगार दिलाने का झांसा दिया जाता था। बैठकों में हैंडपंप लगवाने, घरेलू उपकरण दिलाने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा दिया जाता था। इतना ही नहीं, जो लोग औरों को जोड़कर लाते थे, उन्हें हर महीने 6 हजार रुपये देने का लालच दिया जाता था। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में गरीब और जरूरतमंद लोग इस जाल में फंसते चले गए। पीड़ितों का कहना है कि आर्थिक मजबूरी और बेहतर जीवन के सपने दिखाकर उन्हें संस्था से जोड़ा गया।
बैठकों में बदलता गया माहौल, बाइबल और प्रार्थना का दबाव
पीड़ित परिवारों के अनुसार, शुरुआती बैठकों में सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन कुछ समय बाद बैठकों का स्वरूप पूरी तरह बदल जाता था। वहां बाइबल पढ़वाई जाती, ईसाई प्रार्थनाएं कराई जातीं और धर्म परिवर्तन के लिए कसम-वादे कराए जाते थे। कुछ बैठकों में सफेद पैंट-शर्ट पहने विदेशी नागरिकों की मौजूदगी भी देखी गई, जिससे पूरे नेटवर्क को लेकर संदेह और गहरा गया।
परिवारों का आरोप है कि जब उन्होंने धर्म परिवर्तन से इनकार किया या सवाल उठाए, तो उन्हें रुपये दुगने लौटाने और जान से मारने की धमकियां दी गईं। लगातार दबाव और डर के माहौल में रहने के बाद पीड़ितों ने आखिरकार पुलिस से शिकायत की।
कोतवाली से 500 मीटर दूर चल रहा था गोरखधंधा
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह कथित धर्मांतरण गतिविधि अकबरपुर कोतवाली से महज 500 मीटर की दूरी पर करीब 10 वर्षों से चल रही थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले में तीन नामजद समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी और सावित्री शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बीते 10 सालों में कितने लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया। सूत्रों के मुताबिक यह संख्या हजारों में हो सकती है। इस खुलासे के बाद इलाके में आक्रोश और डर का माहौल है।
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