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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 23 Dec 2025, 11:57 am
लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की महिला डॉक्टर से जुड़ा लव जिहाद का मामला अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। सोमवार देर शाम सीएम योगी ने पीड़ित महिला डॉक्टर को फोन कर पूरा घटनाक्रम जाना और भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद शासन ने KGMU प्रशासन से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर ली है। वहीं, महिला डॉक्टर की सुरक्षा को देखते हुए 24 घंटे एक सिपाही तैनात किया गया है। विश्वविद्यालय स्तर पर गठित विशाखा कमेटी भी अपनी जांच रिपोर्ट कुलपति को सौंपने जा रही है। शुरुआती जांच में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ सबूत मिलने की बात सामने आई है, ऐसे में उस पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।
पीड़िता ने की सुसाइड की कोशिश, इसके बाद खुला मामला पीड़ित महिला डॉक्टर KGMU से एमडी पैथोलॉजी कर रही है, जबकि आरोपी डॉक्टर उसी विभाग का सीनियर रेजिडेंट है। आरोप है कि आरोपी ने प्रेम संबंधों के नाम पर महिला डॉक्टर को फंसाया और बाद में उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। मानसिक प्रताड़ना परेशान होकर 17 दिसंबर को महिला डॉक्टर ने दवाओं की ओवरडोज लेकर आत्महत्या की कोशिश की थी। हालत बिगड़ने पर उसे ICU में भर्ती कराया गया। परिवार जब लखनऊ पहुंचा तो 19 दिसंबर को पूरा मामला सामने आया। परिजनों का आरोप है कि आरोपी डॉक्टर पहले भी एक हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन कराकर शादी कर चुका है और यही बात छिपाकर उसने बेटी को धोखे में रखा।
पीड़िता ने महिला आयोग से की शिकायत, कहा- मैं डर गई हूं
सोमवार को पीड़ित महिला डॉक्टर अपने पिता के साथ महिला आयोग पहुंचीं और उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से मुलाकात की। पीड़िता ने कहा कि वह मानसिक रूप से बहुत प्रताड़ित की गई है। जब उसे आरोपी के शादीशुदा होने की जानकारी हुई और उसने दूरी बनानी चाही, तो उत्पीड़न और बढ़ गया। पीड़िता ने आरोपी को कड़ी सजा दिलाने और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की। महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कड़ी कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी, गिरफ्तारी होगी और कोर्ट के जरिए कड़ी सजा दिलाई जाएगी। साथ ही, पूरे नेटवर्क की भी जांच की जाएगी।
जांच कमेटी के सामने पेश हुआ आरोपी
मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने विशाखा कमेटी को जांच सौंपी। आरोपी डॉक्टर शुरू में जांच से बचता रहा, लेकिन बाद में पिता के साथ कमेटी के सामने पेश हुआ। उसने खुद को निर्दोष बताते हुए सभी आरोपों से इनकार किया। कमेटी ने उससे अविवाहित होने के सबूत मांगे हैं। जांच देर रात तक चली और जल्द ही निर्णय लिए जाने की संभावना है। पूरा मामला सामने आने के बाद KGMU और मेडिकल छात्रों के बीच भी आक्रोश है। अब सबकी नजरें जांच रिपोर्ट और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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