Curated By:
Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 26 Dec 2025, 02:26 pm
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में लव जिहाद के आरोपी जूनियर डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज मालिक मामले ने तूल पकड़ लिया है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ अब उसके कथित मददगारों और उसे बचाने में जुटे सिंडिकेट की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है। मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसके लिए एक नई जांच टीम का गठन किया है, जो पूरे मामले की पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरोप सामने आने के बाद से ही कैंपस में एक संगठित समूह द्वारा आरोपी डॉक्टर के पक्ष में लॉबिंग किए जाने की चर्चा थी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (NMO) जैसे संगठनों ने इस मामले में लगातार निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसी दबाव के बीच अब प्रशासन ने जांच को और व्यापक रूप देने का फैसला लिया है। वहीं, आरोपी डॉक्टर रमीज फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। शुक्रवार को चौक पुलिस पीड़ित महिला डॉक्टर का मजिस्ट्रियल बयान दर्ज करा सकती है।
कुलपति की मंजूरी से शुरू हुई जांच
KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि पैथोलॉजी विभाग के कुछ फैकल्टी मेंबर्स पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि उन्होंने आरोपी डॉक्टर के पक्ष में लॉबिंग की और पीड़िता के विरोध में माहौल बनाया। इसके अलावा एक वर्ग विशेष को बढ़ावा देने और उन्हें अनुचित तवज्जो देने के भी आरोप सामने आए हैं। कुलपति ने इस पूरे मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए जांच शुरू करने की मंजूरी दी है। जांच रिपोर्ट के बाद दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता को पिता के साथ रहने की अनुमति
दूसरी ओर, पीड़ित महिला डॉक्टर को हॉस्टल आवंटित किए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसके कैंपस में आने का इंतजार किया। जब वह नहीं पहुंची तो उससे संपर्क किया गया। इसके बाद पीड़िता ने अपने पिता के साथ रहने की इच्छा जताई। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसे कैंपस में ही पिता के साथ शिफ्ट होने का विकल्प भी दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
NMO के गंभीर आरोप, डिग्री रद्द करने की मांग
NMO ने KGMU में प्रदर्शन कर आरोपी डॉक्टर की डिग्री रद्द करने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से संस्तुति की मांग की है। संगठन का कहना है कि KGMU को आरोपी का NEET PG दाखिला भी रद्द करने की सिफारिश करनी चाहिए। इसके साथ ही NMO ने पैथोलॉजी विभाग के उन फैकल्टी मेंबर्स की पहचान की मांग की है, जिन्होंने शुरुआत में पीड़िता की बजाय आरोपी का साथ दिया। NMO ने यह भी आरोप लगाया है कि KGMU के बायो मेडिकल वेस्ट विभाग में बड़ी संख्या में रोहिंग्याओं को संविदा पर नौकरी दी गई है। संगठन ने इस विभाग की जांच कराने, अवैध रूप से नियुक्त लोगों को हटाने और नियुक्ति में दबाव डालने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
सुसाइड की कोशिश के बाद खुला मामला
पीड़ित महिला डॉक्टर KGMU से एमडी पैथोलॉजी की पढ़ाई कर रही है। 17 दिसंबर को उसने दवा की ओवरडोज लेकर आत्महत्या की कोशिश की थी। गंभीर हालत में उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां से 19 दिसंबर को डिस्चार्ज किया गया। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि आरोपी डॉक्टर ने शादी के लिए धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। शिकायत राज्य महिला आयोग और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर की गई थी। विशाखा कमेटी की रिपोर्ट के बाद 24 दिसंबर को KGMU प्रशासन ने आरोपी को सस्पेंड कर परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी थी और उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई गई।
यह भी पढ़ें- नए साल पर मुंबई में रेव पार्टियों की थी तैयारी, वाराणसी से जा रहा था करोड़ों का माल, पूरा मामला जान दंग रह जाएंगे आप