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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 09 Apr 2026, 11:11 am
मध्य पूर्व में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। लेबनान में इजराइल के ताजा हमलों ने एक ही दिन में 254 लोगों की जान ले ली, जबकि 1165 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इस बड़े हमले के बाद पूरे देश में राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया गया है और अस्पतालों में घायलों की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्वास्थ्य व्यवस्था पर जबरदस्त दबाव बना हुआ है और संसाधनों की कमी साफ दिखाई दे रही है। लेबनान सरकार ने इसे मानवीय संकट बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कहा कि सरकार हर स्तर पर कोशिश कर रही है कि इस हमले को रोका जाए और शांति बहाल हो। वहीं दूसरी ओर लगातार हो रहे हमलों से आम लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है, जिससे हालात और भी बिगड़ते जा रहे हैं।
लेबनान में हालात और सरकार की प्रतिक्रिया
हमलों के बाद लेबनान में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। स्वास्थ्य मंत्री रकान नासेरद्दीन ने कहा है कि बड़ी संख्या में घायल होने के कारण अस्पतालों पर भारी दबाव है और दवाइयों व संसाधनों की कमी हो रही है। सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन हालात को संभालना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने स्पष्ट किया कि वे देश के सभी राजनीतिक और कूटनीतिक साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि इस संघर्ष को रोका जा सके। आम नागरिकों में भय का माहौल है और कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।
सीजफायर पर बढ़ता विवाद और अंतरराष्ट्रीय बयानबाजी
सीजफायर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद गहराता जा रहा है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है। इससे यह संकेत मिलता है कि फिलहाल संघर्ष थमने की संभावना कम है। दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर दबाव डालते हुए कहा कि उसे तय करना होगा कि वह शांति स्थापित करना चाहता है या इजराइल के जरिए जंग जारी रखना चाहता है। इन बयानों से यह साफ हो गया है कि वैश्विक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर मतभेद बढ़ रहे हैं।
ईरान की नई समुद्री नीति और असर
इस बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर नया शुल्क लगाने की योजना बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार हर बैरल पर 1 डॉलर टैक्स लिया जाएगा और भुगतान डिजिटल करेंसी में किया जा सकता है। जहाजों को पहले अपने कार्गो की जानकारी देनी होगी, जिसके बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी। ईरान का कहना है कि यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया जा रहा है, ताकि हथियारों की आवाजाही को रोका जा सके। इस फैसले से वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर असर पड़ने की आशंका है।
दक्षिण लेबनान में हमले तेज, पाकिस्तान में सुरक्षा सख्त
दक्षिण लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। हारूफ के बाद अब अल-दुवैर क्षेत्र को भी निशाना बनाया गया है, जिससे वहां के लोगों में डर का माहौल है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम वार्ता से पहले पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दो दिन की छुट्टी घोषित की गई है। इसे सुरक्षा तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है। इस बैठक में अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे, जिससे इस वार्ता को और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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