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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 03 Apr 2026, 02:15 pm
लखनऊ के गौतमपल्ली थाने पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया गया है। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब थाने के पुलिसकर्मियों पर ढाई लाख रुपये की वसूली का गंभीर आरोप लगा। बताया जा रहा है कि पुलिस कमिश्नर की जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद शुक्रवार को सख्त कदम उठाया गया। इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, खासकर इसलिए क्योंकि यह थाना संवेदनशील इलाके में आता है, जहां मुख्यमंत्री आवास भी स्थित है।
थाने में बुलाकर की गई वसूली का आरोप
जानकारी के मुताबिक, दो रात पहले एक व्यक्ति को पुलिस ने पकड़कर थाने लाया था। आरोप है कि वहीं उससे करीब 2.5 लाख रुपये वसूले गए। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच पुलिस कमिश्नर स्तर से कराई गई। जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। पुलिस प्रशासन ने इसे भ्रष्टाचार का बड़ा मामला मानते हुए तुरंत कार्रवाई का फैसला लिया। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और आम लोगों के भरोसे को भी झटका लगा है।
SHO समेत पूरा स्टाफ लाइन हाजिर
कार्रवाई के तहत थाना प्रभारी रत्नेश कुमार सिंह सहित पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इतनी बड़ी कार्रवाई एक साथ पूरे थाने पर कम ही देखने को मिलती है, जिससे इस मामले की गंभीरता साफ झलकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह कदम पुलिस व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी बताया जा रहा है।
नई तैनाती, सख्त संदेश देने की कोशिश
इस कार्रवाई के बाद थाने की नई जिम्मेदारी विपिन सिंह को सौंपी गई है। प्रशासन की कोशिश है कि इस फैसले के जरिए एक साफ संदेश जाए कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खासकर ऐसे संवेदनशील इलाके में इस तरह की घटना के बाद सख्ती और जरूरी हो गई थी। अब देखना होगा कि आगे इस मामले में और क्या कार्रवाई होती है और क्या दोषियों पर कानूनी शिकंजा कसता है।
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