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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 03 Apr 2026, 01:20 pm
लखनऊ में एक बार फिर बेटी के जन्म पर भेदभाव और उत्पीड़न का मामला सामने आया है। हुसैनगंज इलाके की रहने वाली एक विवाहिता को सिर्फ इसलिए प्रताड़ित किया गया क्योंकि उसने बेटी को जन्म दिया। आरोप है कि ससुराल पक्ष को बेटा चाहिए था और जब ऐसा नहीं हुआ तो उन्होंने विवाहिता के साथ मारपीट कर उसे घर से बाहर निकाल दिया। इस घटना ने समाज में अब भी मौजूद बेटा-बेटी के भेदभाव की सोच को उजागर कर दिया है। पीड़िता ने न्याय के लिए महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शादी के बाद से ही मिल रहे थे ताने
पीड़िता लता कुमारी ने महिला थाना हजरतगंज में दी तहरीर में बताया कि उसका विवाह 28 मई 2023 को अनूप शिल्पकारन से हुआ था। शादी के बाद से ही उसे कम दहेज को लेकर ताने दिए जाते थे। शुरुआत में उसने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन धीरे-धीरे ससुराल वालों का व्यवहार और कठोर होता गया। परिवार में लगातार बेटे की चाह जताई जाती थी, जिससे उस पर मानसिक दबाव बढ़ता चला गया। इन सबके बावजूद वह रिश्ते को बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन हालात बदतर होते गए।
बेटी के जन्म के बाद बढ़ा उत्पीड़न
पीड़िता के मुताबिक, 12 जुलाई 2025 को उसने एक बेटी को जन्म दिया। इसके बाद ससुराल पक्ष का रवैया पूरी तरह बदल गया। आरोप है कि उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। तहरीर में बताया गया कि 29 जुलाई 2025 की रात करीब 2 बजे पति अनूप, ससुर राजेश, ननद कोमल और सास आशा देवी ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, उसे गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी देते हुए घर से बाहर निकाल दिया गया। इस दौरान उसकी हालत बेहद खराब हो गई, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की।
पुलिस से गुहार, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पीड़िता ने डायल 112 पर कॉल कर मदद मांगी, लेकिन आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने महिला थाना हजरतगंज में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपनी सुरक्षा की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर समाज में जागरूकता और सख्त कानून के पालन की जरूरत को दिखाती है।