किडनी बेचने वाला MBA स्टूडेंट पुलिसवालों के पैर पकड़कर रोया, बोला- मेरी मां को कुछ मत बताना, नौकरी के लिए कानपुर आया था

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 02 Apr 2026, 12:41 pm
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कानपुर किडनी कांड में MBA छात्र आयुष ICU में भर्ती है। मजबूरी में किडनी बेचने के बाद उसे पूरी रकम नहीं मिली, जिसके बाद उसने पूरे गैंग का खुलासा किया।

कानपुर में सामने आए किडनी कांड ने हर किसी को झकझोर दिया है। रुपए के लालच और मजबूरी में अपनी किडनी बेचने वाला MBA स्टूडेंट आयुष इस वक्त हैलट अस्पताल के ICU में भर्ती है। उसकी हालत अभी पूरी तरह ठीक नहीं है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस पूछताछ के दौरान जब उससे परिवार के बारे में बात करने को कहा गया, तो वह फूट-फूटकर रो पड़ा और पुलिसकर्मियों के पैर पकड़कर बोला कि उसकी मां को इस बारे में कुछ न बताया जाए। उसने घर से नौकरी का बहाना बनाकर कानपुर आने की बात कही थी, लेकिन यहां आकर वह किडनी गैंग के जाल में फंस गया।


गर्लफ्रेंड से मिलकर फूट-फूटकर रोया आयुष

पूरे मामले के बीच एक भावुक पल तब सामने आया जब बिहार के बेगूसराय से उसकी गर्लफ्रेंड उससे मिलने अस्पताल पहुंची। पुलिस सुरक्षा में दोनों की मुलाकात ICU में कराई गई। गर्लफ्रेंड को देखते ही आयुष खुद को रोक नहीं पाया और रोते हुए अपनी गलती मानने लगा। उसने बताया कि फीस के पैसे जुटाने के लिए उसने यह कदम उठाया। गर्लफ्रेंड ने उसे संभालते हुए ढांढस बंधाया, लेकिन साथ ही नाराजगी भी जताई। उसने बताया कि आयुष की मां उसकी चिंता में परेशान हैं। इस मुलाकात के दौरान अस्पताल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पुलिस की मौजूदगी में ही बातचीत कराई गई।


6 लाख में हुआ सौदा, पैसे भी पूरे नहीं मिले

पुलिस जांच में सामने आया है कि आयुष ने 6 लाख रुपये में अपनी किडनी का सौदा किया था। उसे आधी रकम नकद और बाकी ऑपरेशन के बाद देने का वादा किया गया था, लेकिन उसे केवल साढ़े तीन लाख रुपये ही मिले। डीसीपी के मुताबिक, आयुष धीरे-धीरे एक गैंग के संपर्क में आया, जिसमें कई डॉक्टर और एजेंट शामिल थे। पहले उसे अलग-अलग लोगों से मिलवाया गया और फिर कानपुर लाकर ऑपरेशन कराया गया। ऑपरेशन के बाद जब उसे पूरी रकम नहीं मिली, तब उसने इस पूरे रैकेट का खुलासा किया।


फरार डॉक्टरों की तलाश तेज, लुकआउट नोटिस जारी

इस मामले में पुलिस अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 4 डॉक्टर अभी भी फरार हैं। इनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है और मेरठ, नोएडा, दिल्ली समेत कई जगहों पर टीमें दबिश दे रही हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कई अस्पताल इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे, जहां ऑपरेशन थिएटर उपलब्ध कराए जाते थे। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।


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