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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 01 Apr 2026, 11:37 am
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि अब अमेरिका पर उसका भरोसा पूरी तरह खत्म हो चुका है। वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि यह जंग अगले 2 से 3 हफ्तों में खत्म हो सकती है। दोनों देशों के बयानों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है, जबकि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं।
ईरान का सख्त रुख, 6 महीने तक जंग के लिए तैयार
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि 2015 के परमाणु समझौते के अनुभव के बाद अब अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही सहयोगी देशों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है, लेकिन इसे बातचीत नहीं कहा जा सकता। अराघची ने यह भी संकेत दिया कि ईरान जरूरत पड़ने पर 6 महीने तक युद्ध जारी रखने के लिए तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका जमीनी हमला करता है, तो ईरान उसका मुंहतोड़ जवाब देगा और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा।
जंग से अर्थव्यवस्था पर भारी असर, तेल और रोजगार पर संकट
United Nations Development Programme की रिपोर्ट के मुताबिक इस संघर्ष से पूरे मिडिल ईस्ट को करीब ₹18 लाख करोड़ का नुकसान हो सकता है। क्षेत्र की जीडीपी में 3.7% से 6% तक गिरावट का अनुमान है, जबकि 16 से 36 लाख नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही 70% से ज्यादा घट चुकी है और तेल की कीमतें बढ़कर लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई हैं। इस वजह से वैश्विक बाजारों में भी अस्थिरता देखी जा रही है, हालांकि ट्रम्प के जंग खत्म होने के बयान के बाद एशियाई शेयर बाजारों में तेजी आई है।
हमले, चेतावनी और बढ़ती सैन्य गतिविधियां
इस बीच Tehran में धमाकों की खबरें सामने आई हैं, जहां एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय करना पड़ा। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और Israel ने उसकी दवा फैक्ट्री पर हमला किया, जिससे मेडिकल सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। वहीं दक्षिणी लेबनान में इजराइल का एक ड्रोन भी मार गिराया गया। उधर United Arab Emirates ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए सैन्य विकल्प पर विचार शुरू कर दिया है। लगातार बढ़ती इन घटनाओं से साफ है कि हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
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