Curated By:
shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 01 Apr 2026, 11:09 am
नए वित्त वर्ष की शुरुआत आम लोगों के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आई है। 1 अप्रैल से देशभर में गैस सिलेंडर, रेल टिकट, टोल, टैक्स और बैंकिंग से जुड़े कुल 15 नियम बदल गए हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ने वाला है। सबसे बड़ा झटका कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से लगा है, जो ₹218 तक महंगा हो गया है। इसके अलावा रेल टिकट कैंसिलेशन के नियम सख्त कर दिए गए हैं और फास्टैग व टोल से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। इन बदलावों का असर रोजमर्रा के खर्च से लेकर यात्रा और निवेश तक हर जगह दिखाई देगा।
गैस, टोल और गाड़ियों पर बढ़ा खर्च
तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग का खर्च बढ़ेगा और इसका असर आम लोगों पर भी पड़ेगा। अब चाय-नाश्ता और खाने की कीमतें बढ़ सकती हैं। वहीं फास्टैग के एनुअल पास की कीमत में 2.5% की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे वाहन चालकों को अब ज्यादा भुगतान करना होगा। इसके साथ ही टोल प्लाजा पर कैश भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है, अब केवल फास्टैग या यूपीआई से ही भुगतान संभव होगा। 1 अप्रैल से गाड़ियों की कीमतों में भी 2% से 3% तक इजाफा हुआ है, जिससे नई कार खरीदना महंगा हो गया है।
रेल टिकट और टैक्स नियमों में बदलाव
रेल यात्रियों के लिए भी बड़ा बदलाव हुआ है। अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक ही टिकट कैंसिल करने पर रिफंड मिलेगा, पहले यह समय 4 घंटे था। इससे समय पर टिकट कैंसिल न करने पर नुकसान हो सकता है। टैक्स सिस्टम में भी बड़ा बदलाव किया गया है, जहां अब 'असेसमेंट ईयर' की जगह केवल 'टैक्स ईयर' का इस्तेमाल होगा। इसके अलावा नए टैक्स स्लैब के तहत 12 लाख तक की इनकम पर छूट का प्रावधान किया गया है। वहीं फॉर्म 16 की जगह अब नए फॉर्म 130 और 131 लागू किए गए हैं, जिससे टैक्स फाइलिंग ज्यादा स्पष्ट और आसान होने की उम्मीद है।
बैंकिंग, सैलरी और निवेश से जुड़े नए नियम
पंजाब नेशनल बैंक ने एटीएम से कैश निकालने की लिमिट घटाकर ₹25 हजार कर दी है, जबकि प्रीमियम कार्ड पर यह सीमा ₹50 हजार होगी। नए लेबर कोड के तहत अब बेसिक सैलरी को कुल सीटीसी का 50% करना अनिवार्य होगा, जिससे इनहैंड सैलरी घट सकती है, लेकिन भविष्य के लिए पीएफ और ग्रेच्युटी बढ़ेगी। इसके अलावा नौकरी छोड़ने पर अब 2 दिन के भीतर फुल एंड फाइनल सेटलमेंट करना होगा। निवेशकों के लिए भी नियम बदले हैं, जैसे गोल्ड बॉन्ड और शेयर बाजार में टैक्स बढ़ने से मुनाफा कम हो सकता है। इन सभी बदलावों का असर सीधे आम आदमी की जेब और भविष्य की योजनाओं पर पड़ेगा।
यह भी पढ़ें- देश में फिर लौटा मिट्टी का तेल, अब पेट्रोल पंपों पर मिलेगा केरोसिन, डीजल-पेट्रोल संकट के बीच केंद्र सरकार ने लिया फैसला