Curated By:
Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 20 Dec 2025, 11:03 am
मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार को हुए भीषण सड़क हादसे की पहली जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। 66 पन्नों की इस गोपनीय प्रारंभिक रिपोर्ट में हादसे के लिए सुरक्षा इंतजामों में गंभीर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वह पहले से ही ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित था, लेकिन इसके बावजूद वहां जरूरी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे। सड़क पर दूर-दूर तक पेंटिंग नहीं थी, घने कोहरे में रिफ्लेक्टर नजर नहीं आ रहे थे और सबसे अहम बात यह कि एक्सप्रेस-वे पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था नहीं थी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सड़क घुमावदार होने के संकेतक कोहरे में स्पष्ट दिखाई नहीं देते। इसके अलावा, हादसे वाली जगह पर सड़क का लेवल अपेक्षाकृत नीचा है, जिससे दृश्यता और कम हो जाती है। घटना स्थल पर सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे, जिसके कारण यह स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका कि हादसा किस तरह शुरू हुआ। जांच में निष्कर्ष निकाला गया है कि यह दुर्घटना मुख्य रूप से सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुई। प्राथमिक जांच रिपोर्ट में 19 लोगों की मौत के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। यह रिपोर्ट परिवहन आयुक्त को भेज दी गई है, जबकि दूसरी विस्तृत रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि 16 दिसंबर को मथुरा में घने कोहरे के बीच यमुना एक्सप्रेस-वे पर 18 वाहन आपस में टकरा गए थे। इनमें बसें और कारें शामिल थीं। टक्कर के बाद 9 वाहनों में आग लग गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के साथ ही जोरदार धमाका हुआ और बसों में सवार लोग चीख-पुकार करने लगे। कई यात्रियों ने शीशे तोड़कर बाहर कूदकर जान बचाई। करीब एक घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो सका। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 90 से अधिक लोग घायल हुए थे। उपचार के बाद अधिकांश घायलों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
हादसे की जांच के लिए जिला प्रशासन और आईआईआरटी (IIRT) की दो टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जली हुई बसों से एक 5 किलो का गैस सिलेंडर, जले हुए मोबाइल फोन और यात्रियों का अन्य सामान बरामद किया गया, जिसे परीक्षण के लिए लैब भेजा गया है। जांच के दौरान एक्सप्रेस-वे से गुजर रही डबल डेकर बसों को रोककर उनकी फिटनेस, इमरजेंसी गेट और फर्स्ट एड बॉक्स की भी जांच की गई। इसके अलावा, राया कट स्थित यार्ड में रखे क्षतिग्रस्त और जले हुए वाहनों का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया।
यह भी पढ़ें- 'उम्र भर यही गलती बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी, आइना साफ करता रहा', सपा पर सीएम योगी का तंज