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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 28 Dec 2025, 12:13 pm
वाराणसी में तैनात PCS अफसर विजय कुमार सिंह के लिए शनिवार की सुबह जिंदगी की सबसे भयावह साबित हुई। बिहार के छपरा स्थित ससुराल में अंगीठी के धुएं से दम घुटने के कारण उनके दो मासूम बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई। अपने बेटे तेजस और बेटी अध्याय का शव देखकर विजय सिंह फफक-फफक कर रो पड़े। वह बार-बार बच्चों का कफन हटाकर उनका चेहरा देखते रहे और कहते रहे कि सब कुछ उजड़ गया। जिस घर में बच्चों की हंसी गूंजती थी, वहां मातम पसरा है। तीन दिन पहले ही वह बच्चों को नानी के घर छोड़कर वाराणसी लौटे थे और आज उन्हें उनके शव लेने आना पड़ा।
धुएं ने छीनी चार जिंदगियां, कई वेंटिलेटर पर
छपरा में ठंड से बचाव के लिए जलाई गई अंगीठी का धुआं इस परिवार के लिए जहर बन गया। रात में खाना खाने के बाद सभी लोग एक बंद हॉल में सो गए थे। अंगीठी में धान का भूसा और गोबर के उपले जलाए गए, जिससे देर तक आग जलती रही। कमरा पूरी तरह एयर ब्लॉक था, जिससे धुआं बाहर नहीं निकल सका। दम घुटने से 3 साल के तेजस, 4 साल की अध्याय, 7 महीने की गुड़िया और 70 साल की कमलावती देवी की मौत हो गई। वहीं, अमीषा देवी, अंजलि देवी, अमित कुमार और अमृता देवी की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज पटना के रुबन हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर चल रहा है।
पिता का दर्द: बच्चों के लिए ड्रेस नहीं, कफन उठाया
PCS अफसर विजय सिंह अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाने की तैयारी कर रहे थे। वह भावुक होकर कहते हैं कि बेटा जाते समय चिप्स मांग रहा था और उन्होंने वादा किया था कि लौटते वक्त लेकर आएंगे, लेकिन अब वह अपने बच्चे को चिप्स भी नहीं खिला सके। शव देखकर वह टूट गए और बोले कि बच्चे ही नहीं रहे तो जिंदा रहकर क्या करेंगे। परिजनों के मुताबिक, बच्चों को हल्का बुखार था, जिस पर डॉक्टर ने ठंड से बचाने की सलाह दी थी। इसी वजह से अंगीठी जलाई गई, जो पूरे परिवार के लिए जानलेवा साबित हुई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
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