प्रशासन के नोटिस के बाद संभल में ग्रामीणों ने खुद गिराई मस्जिद, मदरसे पर चलवाया बुलडोजर

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 04 Jan 2026, 02:08 pm
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संभल के असमोली क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण पर कार्रवाई से पहले ग्रामीणों ने खुद मस्जिद गिरा दी। मदरसे पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। न्यायालय के आदेश पर जुर्माना और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जारी है।

उत्तर प्रदेश के संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर सलारपुर उर्फ हाजीपुर में प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही बड़ा घटनाक्रम सामने आया। सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण के मामले में नोटिस मिलने के बाद ग्रामीणों ने मस्जिद को स्वयं ध्वस्त कर दिया। रविवार सुबह जब प्रशासनिक टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची तो मस्जिद पहले ही गिराई जा चुकी थी। इसके बाद दोपहर करीब 12:30 बजे मस्जिद से कुछ दूरी पर स्थित मदरसे को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई। मौके पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी पहुंचे और पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा।


नोटिस के बाद खुद गिराई गई मस्जिद
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद ग्रामीणों ने खुद ही मस्जिद को गिरा दिया था। प्रशासन का कहना है कि मस्जिद जिस जमीन पर बनी थी, वह सरकारी थी। अब मस्जिद की खाली हुई जमीन पर 20 गरीब लोगों को पट्टे दिए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शिता के साथ की गई है। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा और किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई। फिलहाल इलाके में स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।


सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण की पुष्टि
प्रशासनिक रिकॉर्ड के मुताबिक गांव सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर निवासी मस्जिद के मुतवल्ली हाजी शमीम पर करीब पौने चार बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मस्जिद और मदरसे के निर्माण का आरोप है। बताया गया कि पहले मदरसे का निर्माण किया गया और इसके बाद करीब 10 वर्ष पहले मस्जिद बनाई गई। इस मामले में 14 जून 2018 को सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद मामला तहसीलदार न्यायालय में चला। जांच और साक्ष्यों के आधार पर 2 सितंबर 2025 को यह पुष्टि हुई कि निर्माण सरकारी जमीन पर किया गया है। न्यायालय ने मुतवल्ली पर 7.78 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे।


मदरसे पर चला बुलडोजर, अन्य मामलों की भी जांच
निर्देशों के बावजूद जब अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन ने 3 जनवरी को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के आदेश दिए थे। अवकाश के कारण कार्रवाई की समय-सीमा बढ़ाई गई, लेकिन उससे पहले ही ग्रामीणों ने मस्जिद को स्वयं गिरा दिया। वहीं, मदरसे को लेकर प्रशासन ने जेसीबी से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। उधर, संभल शहर के शंकर चौराहे के पास मल्लक शाह बाबा के कब्रिस्तान की जमीन पर भी अवैध कब्जे का आरोप सामने आया है। मोहल्ला चमन सराय निवासी मोहम्मद असलम ने शिकायत करते हुए कहा है कि कब्रिस्तान के दस्तावेजों में किसी निर्माण का उल्लेख नहीं है, फिर भी लगातार निर्माण और कब्जा बढ़ रहा है। प्रशासन से इस जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की गई है।


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