दो सहेलियों को एक-दूजे से हुआ प्यार, हेमा बन गई हेमंत और पूजा से कर ली शादी, जानें- अजब प्रेम की गजब कहानी

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 26 Dec 2025, 11:57 am
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चरखारी कस्बे में दो सहेलियों की दोस्ती प्यार में बदली और फिर शादी तक पहुंच गई। हेमा ने खुद को हेमंत के रूप में पहचान दी और पूजा के साथ कोर्ट मैरिज की। यह अनोखा विवाह पूरे बुंदेलखंड में चर्चा का विषय बना है।

चरखारी कस्बे में रहने वाली हेमा और पूजा की कहानी इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। दोस्ती से शुरू हुआ यह रिश्ता समाज की पारंपरिक सीमाओं को तोड़ते हुए विवाह तक पहुंच गया। हेमा ने न सिर्फ पूजा को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया, बल्कि अपनी पहचान भी बदलते हुए खुद को हेमंत कहलवाना शुरू कर दिया। दोनों ने दिल्ली में कोर्ट मैरिज की और जब वे कस्बे लौटीं, तो ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया गया। इस अनोखे प्रेम विवाह ने लोगों को हैरान करने के साथ-साथ कई तरह की चर्चाओं को भी जन्म दिया है।


हेमा चरखारी के छोटा रमना मोहल्ले की रहने वाली है। वह दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहकर फल की दुकान चलाती थी। बचपन से ही उसे लड़कों की तरह रहना पसंद था और परिवार ने भी उसे उसी रूप में स्वीकार किया। यही वजह रही कि उसने हमेशा खुद को अलग पहचान के साथ देखा। करीब तीन साल पहले दिल्ली में ही उसकी मुलाकात पूजा से हुई, जो मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के चंदला क्षेत्र की रहने वाली है। पूजा भी उस समय अपने रिश्तेदारों के यहां दिल्ली में रह रही थी।


दोस्ती से प्यार और फिर कोर्ट मैरिज तक का सफर

दोनों की पहली मुलाकात दोस्ती में बदली और फिर फोन पर बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। धीरे-धीरे यह रिश्ता गहराता चला गया और तीन वर्षों में दोनों एक-दूसरे के बिना रह पाने की कल्पना भी नहीं कर पाईं। समाज की परवाह किए बिना उन्होंने 6 अक्तूबर को दिल्ली में कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद जब दोनों चरखारी पहुंचीं, तो मोहल्ले और रिश्तेदारों में उन्हें देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। हेमा के परिवार ने पूजा को बहू के रूप में स्वीकार करते हुए पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। हेमा की मां ने साफ कहा कि पूजा उनकी बहू है और परिवार उसे पूरी तरह स्वीकार करता है।


विरोध हुआ, लेकिन बाद में मिली स्वीकृति

शुरुआत में जब दोनों परिवारों को इस रिश्ते की जानकारी हुई, तो पूजा के परिजनों ने इसका कड़ा विरोध किया। वहीं हेमा के माता-पिता ने ज्यादा आपत्ति नहीं जताई। समय के साथ हालात बदले और दोनों परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करने के लिए तैयार हो गए। पूजा का कहना है कि परिवार के विरोध के बावजूद वह अपने फैसले पर अडिग रही और उसने मन से हेमा को अपना पति माना है। उसके लिए पीछे हटने का कोई सवाल नहीं था।


जेंडर चेंज सर्जरी की भी योजना

हेमा, जो अब खुद को हेमंत कहलवाना पसंद करती है, का कहना है कि वह पूजा से बेहद प्यार करती है और उसके लिए हर बदलाव करने को तैयार है। भविष्य में जेंडर चेंज सर्जरी कराने की भी योजना है। हेमंत का कहना है कि अगर सर्जरी नहीं भी हो पाई, तो भी दोनों साथ रहेंगी। दिल्ली में रहते हुए हेमंत ने पति की तरह फल की दुकान चलाकर घर का खर्च संभाला, जबकि पूजा ने पत्नी की तरह घर की जिम्मेदारियां निभाईं। दोनों का कहना है कि वे अब एक-दूसरे के साथ सम्मान और प्यार के साथ जीवन बिताना चाहती हैं।

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