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shivnowup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 06 Jan 2026, 05:15 pm
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से ताल्लुक रखने वाले 10वीं फेल यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने उसकी लग्जरी लैंड रोवर डिफेंडर और BMW Z4 कार को जब्त कर लिया है। कोलकाता जोनल ऑफिस की ओर से सोमवार को इस कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की गई। ईडी का कहना है कि छापेमारी के दौरान ऐसे कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस मिले हैं, जो अवैध लेनदेन और हवाला नेटवर्क की पुष्टि करते हैं। जांच में सामने आया है कि अनुराग ने गैरकानूनी सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स का प्रचार कर अकूत संपत्ति बनाई और दुबई में प्रॉपर्टी तक खरीदी।
अवैध सट्टेबाजी से खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य
ईडी के मुताबिक, अनुराग द्विवेदी अवैध ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी है। 31 दिसंबर 2025 और 1 जनवरी 2026 को ईडी ने लखनऊ, दिल्ली, मुंबई, सूरत और वाराणसी में स्थित उसके 9 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इससे पहले 17 दिसंबर 2025 को भी लखनऊ, उन्नाव और दिल्ली में दबिश दी गई थी। उस दौरान उसकी लेम्बॉर्गिनी उरुस, मर्सिडीज, फोर्ड एंडेवर और थार जैसी महंगी गाड़ियां जब्त की गई थीं। साथ ही 20 लाख रुपये नकद, कई डिजिटल सबूत और करीब 3 करोड़ रुपये की चल संपत्ति फ्रीज की गई थी, जिसमें बैंक बैलेंस, एफडी और बीमा पॉलिसियां शामिल थीं।
सोशल मीडिया से प्रमोशन, हवाला से ट्रांसफर
इस केस की शुरुआत पश्चिम बंगाल पुलिस की एक FIR से हुई थी। जांच में पता चला कि सिलिगुड़ी से सोनू कुमार ठाकुर और विशाल भारद्वाज एक ऑनलाइन सट्टेबाजी पैनल चला रहे थे। यह गिरोह फर्जी बैंक खातों, टेलीग्राम चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए जुआ-सट्टा संचालित कर रहा था। ईडी का आरोप है कि अनुराग द्विवेदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए अवैध सट्टेबाजी ऐप्स और वेबसाइट्स का प्रचार किया। प्रमोशनल वीडियो बनाकर लोगों को इन प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा और बदले में मोटी रकम ली, जिसे उसने अपने और परिजनों के खातों में ट्रांसफर कराया।
दुबई से चला रहा था नेटवर्क, ED के समन की अनदेखी
ईडी के अनुसार, अनुराग को कई बार जांच में शामिल होने के लिए समन भेजे गए, लेकिन वह एक बार भी पेश नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि वह फिलहाल दुबई में रहकर अपना नेटवर्क चला रहा था। अब एजेंसी उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने और प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू करने पर विचार कर रही है। अब तक ईडी इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और करीब 23.7 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच या फ्रीज की जा चुकी है। 1 अगस्त 2025 को विशेष PMLA कोर्ट, कोलकाता में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की जा चुकी है।
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