यूपी में फिर करवट लेगा मौसम, कल से 5 दिन बारिश-ओले का अलर्ट, चलेंगी ठंडी हवाएं, 4 से 5 डिग्री तक गिर सकता है पारा

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 25 Mar 2026, 11:20 am
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उत्तर प्रदेश में 26 से 30 मार्च के बीच मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के साथ तापमान में गिरावट होगी, जिससे किसानों और आम लोगों पर असर पड़ सकता है।

उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। पिछले हफ्ते से शुरू हुआ आंधी-बारिश का दौर अब मार्च के अंत तक जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 26 से 30 मार्च के बीच प्रदेश में दो अलग-अलग वेदर सिस्टम एक्टिव होने की बात कही है, जिससे कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इससे तापमान में करीब 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का अनुमान है, जिससे लोगों को फिर हल्की ठंड का एहसास हो सकता है। हालांकि आज मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है, क्योंकि पिछले दो दिनों से प्रदेश में सिर्फ हल्की बारिश ही देखने को मिली है।


दो पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम, पूरे प्रदेश में असर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बदलाव की मुख्य वजह दो पश्चिमी विक्षोभ हैं, जो अलग-अलग समय पर सक्रिय होंगे। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, 26 मार्च से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की शुरुआत होगी, जो धीरे-धीरे पूर्वी हिस्सों तक पहुंचेगी। वहीं 29 मार्च को आने वाला दूसरा विक्षोभ ज्यादा असरदार होगा, जिससे पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश के आसार हैं। 27 मार्च को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं। 28 मार्च को मौसम कुछ हद तक साफ रहेगा, लेकिन 30 मार्च तक फिर से हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।


तापमान में गिरावट, पहाड़ों का असर भी साफ दिखेगा
पिछले 24 घंटे में बांदा सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 35.2°C रिकॉर्ड किया गया। प्रयागराज में 34.6°C और वाराणसी में 34.4°C दर्ज किया गया। वहीं बिजनौर में न्यूनतम तापमान 14°C रहा। लेकिन अब मौसम बदलने के साथ ही तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश और बर्फबारी का सीधा असर यूपी पर पड़ेगा। पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं तापमान को नीचे गिराएंगी और लोगों को मार्च के आखिर में भी ठंड जैसा एहसास करा सकती हैं।


किसानों के लिए अलर्ट, फसल बचाने के दिए गए सुझाव
बारिश और आंधी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, तेज हवाओं से गेहूं की फसल गिर सकती है, जिससे पैदावार कम होने का खतरा है। वहीं अरहर, सरसों, चना जैसी फसलों में फलियां टूटने और दाने झड़ने की आशंका है। सब्जियों की फसल पर भी इसका असर पड़ सकता है। सरकार ने कहा है कि अगर कटाई के 14 दिनों के भीतर फसल खराब होती है, तो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्लेम कर सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि पकी हुई फसल की तुरंत कटाई कर सुरक्षित रखें और खेतों में पानी जमा न होने दें।


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