बेटी को छुआ तो 49 दिन बाद मिला कंकाल, मां ने प्रेमी को मार डाला, पूरा मामला जान आप भी रह जाएंगे दंग!

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 20 Dec 2025, 11:44 am
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यूपी के कानपुर में बॉयफ्रेंड की हत्या के मामले में आरोपी महिला ने चौंकाने वाला कबूलनामा दिया है। उसने प्रेमी को अपनी बेटी पर गंदी नजर रखने की वजह से मौत के घाट उतार दिया। आइए पूरी हकीकत जानते हैं।

कानपुर में प्रेमी की हत्या के मामले में चौबेपुर निवासी आरोपी महिला लक्ष्मीदेवी गौतम का चौंकाने वाला कबूलनामा सामने आया है। पुलिस पूछताछ में लक्ष्मीदेवी ने बताया कि उसके और गोरेलाल के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे, लेकिन हाल के दिनों में गोरेलाल उसकी बेटी पर नजर रखने लगा था। गोरेलाल उसकी 13 वर्षीय बेटी से गलत संबंध बनाने की बात करता था। जब उसने गोरेलाल का विरोध किया तो वह धमकाने लगा। उसने कहा कि अगर उसकी बात नहीं मानी तो वह उसके इकलौते बेटे की हत्या कर देगा। इस धमकी से लक्ष्मी डरी हुई थी। वह लगातार गोरेलाल को समझाने की कोशिश करती रही। मेरी बेटी गोरेलाल को चाचा कहती थी, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।


लक्ष्मी ने बताया कि एक दिन गोरेलाल ने उसकी बेटी को बहाने से बुलाया और उसके सामने ही उसे गलत तरीके से छुआ। इसके बाद वह मुस्कुराते हुए उसकी ओर देखने लगा। यह देखकर लक्ष्मी गुस्से से आगबबूला हो गई। बेटी डर और शर्म के कारण रोते हुए वहां से भाग गई और इसके बाद कई दिनों तक चुपचाप और उदास रही। इस घटना ने लक्ष्मीदेवी को अंदर तक झकझोर दिया। पूछताछ में लक्ष्मीदेवी ने स्वीकार किया कि इसके बाद उसने गोरेलाल को खत्म करने का फैसला कर लिया। उसने इस साजिश में अपने भतीजे ईशू को शामिल किया, जो गांव शाह निवादा का रहने वाला है। लक्ष्मीदेवी ने ईशू को फोन कर पूरी बात बताई और मदद मांगी। दोनों ने मिलकर हत्या की योजना तैयार की।


योजना के तहत लक्ष्मीदेवी ने गोरेलाल को झांसे में लिया। उसने उससे कहा कि उसके मायके में एक लड़की है, जिसे वह दिखाना चाहती है और उससे उसकी शादी करा दी जाएगी। इस प्रस्ताव पर गोरेलाल तैयार हो गया। 31 अक्टूबर को लक्ष्मीदेवी उसे अपने मायके शाह निवादा लेकर पहुंची, जहां पहले से ईशू मौजूद था। वहां ईशू ने गोरेलाल को जमकर शराब पिलाई। जब गोरेलाल पूरी तरह नशे में हो गया, तो दोनों ने मिलकर गमछे से उसका गला घोंट दिया और उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए घर से करीब 300 मीटर दूर जंगल में फेंक दिया। इसके बाद वे वहां से लौट आए और किसी को इस घटना की भनक नहीं लगने दी। उधर, गोरेलाल के घर न लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। 31 अक्टूबर से लापता गोरेलाल की गुमशुदगी 2 नवंबर को उसके पिता रामस्वरूप ने चौबेपुर थाने में दर्ज कराई।


डीसीपी वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस ने सर्विलांस टीम लगाई और गांव वालों व रिश्तेदारों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि गोरेलाल के लक्ष्मीदेवी गौतम से पिछले चार साल से अवैध संबंध थे। लक्ष्मीदेवी की पांच बेटियां और एक बेटा है। कड़ी पूछताछ के दौरान लक्ष्मीदेवी और उसके भतीजे ईशू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस चौबेपुर के जंगल में पहुंची, जहां से गोरेलाल का कंकाल बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, यह हत्या करीब 49 दिन पहले की गई थी।


पुलिस ने आरोपी महिला और उसके भतीजे को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब पूरे मामले की कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही है और सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।

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