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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 03 Feb 2026, 04:29 pm
आगरा जिले के पिनाहट थाना क्षेत्र के अतैयापुरा गांव में कुत्ते के काटने से घायल हुए पांच साल के बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि समय पर सही इलाज और देखभाल नहीं मिल पाने के कारण बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है क्योंकि इसी कुत्ते द्वारा अन्य जानवरों पर भी हमले की बात सामने आई है। परिवार ने बताया कि बच्चे को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाए गए थे, लेकिन इसके बावजूद उसकी सेहत में सुधार नहीं हुआ।
घर के बाहर खेलते समय हुआ हमला, इंजेक्शन के बाद भी बिगड़ती रही हालत
मृतक बच्चे के पिता कुंवर सिंह ने बताया कि 9 जनवरी की शाम उनका बेटा घर के बाहर खेल रहा था, तभी एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। बच्चे को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद परिजन तुरंत उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए। परिवार का कहना है कि पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर निजी अस्पताल में इलाज कराया गया तथा डॉक्टरों की सलाह पर एंटी रैबीज इंजेक्शन भी लगवाए गए। इसके बावजूद कुछ दिनों बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी और उसे तेज बुखार तथा असामान्य परेशानी होने लगी। इसके बाद परिवार बच्चे को आगरा मेडिकल कॉलेज ले गया, जहां इलाज चला, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हुआ।
आगरा से दिल्ली तक इलाज, अंत में घर लौटने के बाद हुई मौत
परिवार ने उम्मीद में बच्चे को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भी ले जाया, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए आगे इलाज की सीमाएं बताईं। इसके बाद परिवार बच्चे को घर ले आया, जहां 1 फरवरी को उसकी मौत हो गई। गांव के लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में उसी कुत्ते ने एक भैंस पर भी हमला किया था, जिसकी कुछ दिनों बाद मौत हो गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गांव में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में पहले भी कुत्तों के काटने के बाद गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों का कहना है कि रात के समय आवारा कुत्ते गांव में घूमते रहते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने और टीकाकरण की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। प्रशासनिक स्तर पर जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।