यूपी में SIR ड्यूटी में एक और बीएलओ की मौत, अचानक सीने में दर्द उठा, बेहोश होकर गिरे, फिर नहीं उठे

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 03 Feb 2026, 07:38 pm
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सहारनपुर में जनसुनवाई के दौरान ड्यूटी पर तैनात बीएलओ दुष्यंत सिंह बेदी की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना से प्रशासन और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है।

सहारनपुर में जनसुनवाई के दौरान एक दुखद घटना सामने आई, जहां ड्यूटी पर तैनात बीएलओ की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना नूर बस्ती थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां माध्यमिक विद्यालय में एसआईआर से जुड़ी जनसुनवाई चल रही थी। इसी दौरान बीएलओ दुष्यंत सिंह बेदी लोगों की शिकायतें सुन रहे थे कि अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह कुर्सी से गिर पड़े। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें संभाला और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक अमले में भी शोक की लहर दौड़ गई।


जनसुनवाई के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में घोषित किया गया मृत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुष्यंत सिंह बेदी जनसुनवाई के दौरान लगातार लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इसी बीच उन्हें सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और कुछ देर तक वह सीने पर हाथ रखकर कुर्सी पर बैठे रहे। आसपास मौजूद लोगों को लगा कि शायद थोड़ी देर में ठीक हो जाएंगे, लेकिन अचानक वह कुर्सी से नीचे गिर पड़े। स्टाफ ने तुरंत उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो तुरंत एंबुलेंस बुलाकर जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।


परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, पहले ही पत्नी का हो चुका है निधन
दुष्यंत सिंह बेदी मूल रूप से चकहरहेटी गांव के रहने वाले थे और वर्तमान में नूर बस्ती क्षेत्र में बीएलओ की जिम्मेदारी निभा रहे थे। बताया गया कि करीब आठ साल पहले उनकी पत्नी का भी निधन हो चुका है। परिवार में उनकी बुजुर्ग मां और दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी जिम्मेदारी पूरी तरह उन्हीं पर थी। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों और सहकर्मियों का कहना है कि वह बेहद जिम्मेदार और शांत स्वभाव के कर्मचारी थे। अब परिवार के सामने रोजमर्रा की जिंदगी चलाना भी बड़ी चुनौती बन गया है।


ट्रांसफर के बावजूद ड्यूटी में जुटे रहे, प्रशासनिक काम से नहीं हुए कार्यमुक्त
जानकारी के मुताबिक, जून महीने में उनका ट्रांसफर रुड़की स्थित सिंचाई विभाग में कर दिया गया था, लेकिन चुनाव और एसआईआर से जुड़ी ड्यूटी के चलते उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया। वह लगातार सहारनपुर में ही प्रशासनिक कार्यों में लगे रहे और जनसुनवाई जैसी जिम्मेदार ड्यूटी भी निभा रहे थे। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने शोक व्यक्त किया है और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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