ईरान-अमेरिका के बीच 40वें दिन रुका युद्ध, सीजफायर पर बनी सहमति, ट्रंप बोले- पाकिस्तान की अपील पर लिया फैसला

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 08 Apr 2026, 12:19 pm
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अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिन के संघर्ष के बाद 2 हफ्ते का सीजफायर हुआ है। पाकिस्तान की मध्यस्थता से बनी इस डील के बाद अब 10 अप्रैल से इस्लामाबाद में बातचीत होगी, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद है।

नई दिल्ली। करीब 40 दिनों से जारी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और हमलों के दौर पर फिलहाल विराम लग गया है। दोनों देशों ने 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बना ली है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ की अपील के बाद लिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की मध्यस्थता और आखिरी समय में चीन के दखल के चलते यह समझौता संभव हो पाया। इस कदम से मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच फिलहाल राहत की उम्मीद जगी है।


सीजफायर से पहले बढ़ा तनाव, ट्रम्प की कड़ी चेतावनी

सीजफायर से पहले हालात काफी गंभीर हो चुके थे। डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को सख्त चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित नहीं की गई, तो अमेरिका कड़ा एक्शन ले सकता है। उन्होंने अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की बात भी कही थी। इसके बाद कूटनीतिक प्रयास तेज हुए और पाकिस्तान ने 2 हफ्ते के सीजफायर का प्रस्ताव दिया, जिसे ईरान ने स्वीकार कर लिया। समझौते के तहत अमेरिका और इजराइल अपने हमले रोकेंगे और ईरान भी जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा। इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस के जहाजों की आवाजाही ईरानी सेना की निगरानी में सुरक्षित रहेगी।


10 अप्रैल से बातचीत, 10 पॉइंट प्लान पर चर्चा

सीजफायर के बाद अब दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत की तैयारी शुरू हो गई है। 10 अप्रैल से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में वार्ता होगी। ट्रम्प के अनुसार, ईरान ने अमेरिका को 10 पॉइंट का प्लान भेजा है, जिस पर आगे चर्चा की जा सकती है। वहीं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने दावा किया है कि यह समझौता उनकी शर्तों पर हुआ है। इससे दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।


मिडिल ईस्ट में मिला-जुला असर, इजराइल का अलग रुख

सीजफायर का असर मिडिल ईस्ट के कई हिस्सों में देखने को मिला है। इराक की राजधानी बगदाद में लोगों ने सड़कों पर उतरकर जश्न मनाया। हालांकि इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया है कि यह युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होगा और वहां संघर्ष जारी रहेगा। वहीं रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान और ओमान शुल्क वसूल सकते हैं, जिससे युद्ध के नुकसान की भरपाई की जाएगी।

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